📰 JB News कोरबा | रिपोर्टर मनीष जायसवाल
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर में पॉलीथीन के उपयोग, निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन कोरबा जिले में यह कानून मज़ाक बन कर रह गया है। यहां हर गली, हर बाज़ार और हर दुकान में धड़ल्ले से पॉलीथीन का उपयोग किया जा रहा है। दुकानदारों को न कोई डर है, न कोई रोक।
जहां एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं कोरबा जैसे जिले में पॉलीथीन का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। दुकानदार खुलेआम प्रतिबंधित पॉलिथीन में सामान दे रहे हैं। कोई पूछने वाला नहीं, कोई टोकने वाला नहीं।
❗ अधिकारी दे रहे गोलमोल जवाब
जब JB News ने इस विषय में नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों से जवाब मांगा, तो वे सिर्फ कागजों की कार्रवाई दिखाकर अपना पल्ला झाड़ते नज़र आए। कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार एक-दो दुकानों पर जुर्माना ठोक देना ही उनकी औपचारिकता बन गई है।
📦 कहां से आ रही है पॉलिथीन?
कोरबा में इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथीन आखिर कहां से आ रही है? कौन हैं इसके पीछे के असली खिलाड़ी? इस सवाल का जवाब आज तक किसी अधिकारी के पास नहीं है — या शायद वे जानबूझकर चुप हैं?
😠 जनता में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि “सरकार ने बैन तो लगा दिया, लेकिन उसे लागू करने में प्रशासन पूरी तरह से नाकाम है।” शहर के नागरिकों को लगता है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह कारोबार संभव ही नहीं।
📣 JB News कोरबा पूछता है — जब प्रतिबंध है, तो हर दुकान में पॉलीथीन क्यों मिल रही है?
👉 मनीष जायसवाल की यह रिपोर्ट सीधे सवाल करती है:
क्या प्रशासन की आंखें बंद हैं या सब कुछ मिलीभगत से हो रहा है?
कोरबा की जनता अब जवाब चाहती है, सिर्फ दिखावा नहीं।















