Sunday, February 15, 2026

कांग्रेस किसके हाथ सौंपेगी VVIP जिले का कमान ? नाम इतने सारे लेकिन इस नाम पर…. पढिये पूरी रिपोर्ट जानिए कौन होगा….?

Must Read

जशपुर । खबर है कि कांग्रेस पार्टी बहुत जल्द जिलाध्यक्ष का चुनाव कराने जा रही है। जिलाध्यक्ष के चुनाव के लिए हर जिले में कांग्रेस के पर्यवेक्षक और इलेक्शन स्पेशलिस्ट जिले भर के मानिंद मानिंद नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय ले रहे है और इनसे राय लेने के बाद जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी ।
प्रदेश के vvip जिला जशपुर में भी नए जिलाध्यक्ष का चुनाव होना है और यहाँ जिलाध्यक्ष के दावेदारों की अच्छी खाशी फेहरिस्त तैयार हो गई है । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गृहजिला होने के चलते कांग्रेस पार्टी भी इस जिले को लेकर काफी गम्भीर है और किसी ऐसे व्यक्ति के हाथों में जिले का कमान सौंपना चाहती है जो भाजपा के मजबूत सल्तनत को हिलाने का दम रखता हो इसलिए कांग्रेस सभी दावेदारों के प्रोफ़ाइल का बारीकी से अध्यन कर रही है। जानकारी मिल रही है कि जिलाध्यक्ष का चयन करने वाले पार्टी के विशेषज्ञ मंगलवार से जशपुर में डेरा जमाएंगे और 3 दिनों के गहन मंथन के बाद जिलाध्यक्ष कौन होगा इस पर मुहर लग जाएगा।
दावेदारों की सूची पर गौर करें तो सबसे पहला नाम इस बार कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल का नाम सामने आ रहा है । पवन अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस न केवल जशपुर में काँग्रेस का झंडा गाड़ने में कामयाब रही बल्कि भाजपा के सबसे पुराने किले को भी ध्वस्त करके विधानसभा के तीनों सीट पर जीत हासिल हुई थी।

दूसरा नाम जशपुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हीरुराम निकुंज का है । हीरू राम निकुंज ने 35 वर्षों बाद जशपुर नगरपालिका में  बतौर नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव जीता था और 2023 के विधानसभा चुनाव में जशपुर विधानसभा से टिकट के प्रबल दावेदार भी रहे हैं।
इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल ,युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रवि शर्मा और रौतिया समाज से दुलदुला के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष  अरविंद साय के भी दावेदारी देखी जा रही है । इन तीनो की बात करें तो महेंद्र अग्रवाल जहाँ वित्तीय समीकरण में फिट बैठते दिख रहे हैं वही रवि शर्मा युवाओं के लिए फिट बैठ रहे हैं। यूथ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष होने के नाते युवाओं में इनकीं अच्छी पकड़ बताई जा रही है इस लिहाज से इनकीं दावेदारी को भी कमतर नहीं आंका जा सकता । जबकि अरविंद साय जातीय समीकरण पर फिट बैठ रहे हैं।अरविंद साय रौतिया सनाज से हैं और रौतिया समाज की जिले में निर्णायक संख्या है इस लिहाज से अरविंद साय की दावेदारी काफी अहम है ।
इन सभी दावेदारों के नामो के बीच एक और नाम है जिसकी चर्चा जशपुर से लेकर राजधानी रायपुर तक है और वो नाम है कुनकुरी के नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील का ।खाश बात यह कि सारे दावेदारों में से विनयशील   इकलौता ऐसा नाम है जिसको लेकर पार्टी काफी गम्भीरता से मंथन कर रही है । हांलाकि विनयशील की ओर से अभी तक जिलाध्यक्ष की दावेदारी पेश नहीं की गई है फिर भी माना जा रहा है कि नीति बनाने में निपुणता रखने वाले कम उम्र के फायर लीडर विनयशील को जिले का कमान सौंपने का मन बना चुकी है ।   सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस जशपुर जिले के तीनों विधानसभा सीट पर कांग्रेस को वापस लाने की जो रणनीति तैयार कर रही है विनयशील उस रणनीति का बहुत बड़ा हिस्सा है इसलिए जिले का कमान विनयशील के हाथ सौंपा जाना करीब करीब तय है । विनयशील फ्रंट फुट राजनीति में हांलाकि नया चेहरा हैं लेकिन कम समय मे इन्होंने जशपुर में जिस अंदाज में अपनी पहचान बनाई उस अंदाज के कायल होने वालों की संख्या कम नहीं है ।

पूर्व में ऐसा माना जा रहा था कि कुनकुरी के पूर्व विधायक यू डी मिंज ,जशपुर के पूर्व विधायक विनय भगत और जिला पंचायत सदस्य आरती सिंह में से किसी एक को जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इन तीनो ने दावेदारी से अपना हाथ खींच लिया ।

- Advertisement -
Latest News

पांच पिंड महादेव मंदिर में पूर्व मंत्री ने की पूजा-अर्चना

कोरबा। कमला नेहरू कॉलेज के पीछे हसदेव नदी तट स्थित पांच पिंड महादेव मंदिर में प्रदेश के पूर्व राजस्व...

More Articles Like This