विभाग का संरक्षण या शिकायतों की अनदेखी,परेशान हैं सभी CAC
कोरबा। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में पदस्थ स्त्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) गुलाबदास महंत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को 1 सितम्बर 2025 को पत्र लिखकर बताया कि था महंत द्वारा लगातार पैसों की अवैध मांग और धमकियां दी जाती हैं, जिससे शैक्षिक समन्वयक (CAC) मानसिक रूप से परेशान हैं और अकादमिक कार्यों में व्यवधान आ रहा है। शिकायत के बाद भी मामले में जिले से कोई भी जांच अधिकारी नियुक्त नहीं किये जाने से संरक्षण की सुगबुगाहट है। यह भी झकलता है कि BRC महंत को बचाने की कोशिश कि जा रही हैं। जानकारी तो ये भी मिल रही कि BRC द्वारा निरीक्षण के नाम पर CAC से कोरे कागज़ में हस्ताक्षर भी कराये जा रहे हैं ताकि जांच के दायरे में बच सकें।
दरआसल, शैक्षिक समन्वयकों ने शिकायत पत्र में माध्यम से आरोप लगाया है कि बीआरसीसी द्वारा फोन कर संकुल अनुदान की राशि मांगी जाती है और पैसा नहीं देने पर भौतिक सत्यापन की धमकी दी जाती है। इससे पहले भी, जब वे बीआरसीसी रहे, तब सत्र 2022-23 और 2023-24 में उगाही की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा प्रशिक्षण (सत्र 2022-23) के दौरान प्रशिक्षण हेतु स्वीकृत राशि का गबन किया गया। समन्वयकों और शिक्षकों को राशि नहीं दी गई, जबकि उनसे बिल और वाउचर ले लिए गए। इसके अलावा मरम्मत कार्य, शिविर आयोजन और अन्य कार्यक्रमों में भी प्रधान पाठकों व समन्वयकों से पैसे वसूलने की बात कही गई है। आरोप है कि खनिज न्यास से स्वीकृत गैस चूल्हों की राशि भी फर्म को न देकर व्यक्तिगत रूप से वसूली करने का प्रयास किया गया। साथ ही कुछ प्रधान पाठकों से एक वेंडर को 5-5 हजार रुपये जमा करने के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की गई है।
शैक्षिक समन्वयकों का कहना है कि बीआरसीसी की इस मनमानी और भ्रष्टाचार से सभी अधिकारी-कर्मचारी परेशान हैं। इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की गई है कि गुलाबदास महंत को तत्काल पद से हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि शैक्षिक वातावरण सामान्य रह सके और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे।
दूसरी तरफ, गुलाब दास का कहना है कि कुछ शिक्षकों की कमियों पर नोटिस जारी किया गया है इसीलिए नेतागिरी हो रही है। मैं दोबारा brc बना हूं तो लोगों को हजम नहीं हो रहा है।















