कोरबा : गौमुखी सेवा धाम देवपहरी ने बदली आदिवासी अंचल की तस्वीर

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कोरबा। दूरस्थ वनांचल ग्राम देवपहाड़ी में संचालित गौमुखी सेवा धाम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और स्वावलंबन की दिशा में मिसाल कायम की है। संस्था के प्रयासों से 40 से अधिक गाँवों में उल्लेखनीय सामाजिक व आर्थिक बदलाव आया है।

ग्राम में विद्यालय, चिकित्सा सुविधा, महिला स्वावलंबन प्रशिक्षण, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नई दिशा मिल रही है। नवरात्र पर भव्य धार्मिक यात्रा, गणतंत्र दिवस समारोह, सामाजिक विवाह, स्वास्थ्य शिविर और महिला स्वावलंबन हेतु “माई मेला” जैसे आयोजन लगातार हो रहे हैं।

संस्था ने महिलाओं को दोना-पत्तल बनाना, कम्पोस्ट खाद तैयार करना जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। वहीं बच्चों को बेहतर शिक्षा और खेलकूद के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहाँ तक कि छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी भाग ले चुके हैं।

धार्मिक जागरण के लिए माँ दुर्गा मंदिर की स्थापना कर पूजा-पाठ, कथा और भजन-कीर्तन के माध्यम से लोगों को संस्कृति से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा हेतु 2002 में शुरू हुआ विद्यालय आज सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवार रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सेवा भावी डॉक्टरों की टीम भी काम कर रही है। अब गंभीर रोगियों को शहर तक ले जाने की परेशानी काफी हद तक कम हो गई है।

संस्था का कहना है कि समाज की सेवा और लोगों का सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। आने वाले समय में इस कार्य को और विस्तार देने की योजना है ताकि वनांचल के हर व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँच सके।

👉 यह धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया है बल्कि समाज परिवर्तन और ग्राम उत्थान का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।

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