कोरबा। जिले के धनराज कुमार देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां इलाज के लिए सुबह से कतार में खड़े महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी नदारद हैं।
स्वास्थ्य केंद्र का निर्धारित समय सुबह 8:45 बजे का है, बावजूद इसके न तो डॉक्टर समय पर पहुंचते हैं और न ही अन्य स्वास्थ्यकर्मी। आमजन सुबह 8:00 बजे से ही कतार में खड़े हो जाते हैं, लेकिन 10:00 बजे तक भी न डॉक्टर नजर आते हैं, न ही कोई अन्य जिम्मेदार कर्मचारी।
स्थानीय लोगों की मानें तो यह स्थिति रोज की है, जिससे लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों को बिना जांच और दवा के वापस लौटना पड़ रहा है। जिनका इलाज होता भी है, उनके लिए या तो दवाइयाँ उपलब्ध नहीं होतीं या फिर बाहर की मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने की सलाह दी जाती है, जिससे निजी मेडिकल व्यवसाय को बढ़ावा मिल रहा है।
एक ओर सरकार स्वास्थ्य विभाग के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। आज भी पुरानी टेक्नोलॉजी और सुस्त प्रक्रिया के जरिए एक्स-रे एवं अन्य जांच की जा रही है। कहीं मेडिसिन उपलब्ध नहीं, तो कहीं इलाज के लिए मरीजों को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है।
यह गंभीर सवाल खड़ा करता है कि स्वास्थ्य विभाग में सुधार कब होगा और आम जनता को सही समय पर, बेहतर इलाज कब मिलेगा? ज़रूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान दें और जनता को उनके हक का स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराएं।















