कोरबाः आदिशक्ति मां जगदंबा की उपासना का पर्व नवरात्रि इस साल 22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. नवरात्रि को लेकर मंदिरों में तैयारी शुरू कर दी गई है. कोरबा जिले की प्रथम आराध्य देवी मां सर्वमंगला के दरबार में भी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. कोरबा जिले के हरदेव नदी के किनारे स्थित मां सर्वमंगला मंदिर में देवी माँ से मांगी गई हर मुरादें पूरी होती हैं, यही कारण है कि राज्य और देश के अलावा विदेश से भी यहां माता के मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश जलवे जाते हैं।
देवी मां सर्वमंगला के दरबार में नवरात्रि की तैयारियां शुरू, मनोकामना ज्योत जलवाने के लिए विदेश से भी आते हैं लोग. यह मंदिर करीब 124 साल पुराना है, जिसको लेकर कोरबावासियों की आस्था काफी गहरी है. कोरबा के साथ ही पूरे प्रदेश वासी मां सर्वमंगला को काफी मानते हैं. यही वजह है कि नवरात्र के समय यहां श्रद्धालु दर्शन करने लाखों की संख्या में पहुंचते हैं.

मनोकामना ज्योत की रशीद कटनी शुरू
देवी मां का यह मंदिर करीब 124 साल पुराना है, जिसको लेकर कोरबा वासियों की आस्था काफी गहरी है. कोरबा के साथ ही पूरे प्रदेश वासी मां सर्वमंगला को काफी मानते हैं. यही वजह है कि नवरात्र के समय यहां श्रद्धालु दर्शन करने लाखों की संख्या में पहुंचते हैं. नवरात्र में मनोकामना ज्योति कलश के लिए रशीद कटनी शुरू हो गई है।
हर भक्त की मनोकामना होती है पूरी
मंदिर के पुजारी मयंक पांडे ने बताया कि अब तक तेल ज्योति कलश के लिए 3500 और घृत ज्योति कलश के लिए 4000 रशिद कट चुकी है. जिसमें एक रसीद नीदरलैंड और एक अमेरिका से भक्तों द्वारा जोत जलवाने के लिए कटवाई गई है. प्रत्येक वर्ष नवरात्रि में लगभग 10000 हज़ार मनोकामना ज्योति मंदिर में प्रज्वलित किए जाते हैं।















