बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में अवैध बक्साइट उत्खनन की जांच उस वक्त विवाद में बदल गई, जब कुसमी SDM और नायब तहसीलदार पर तीन ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा। इस घटना में घायल एक बुजुर्ग ग्रामीण की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना कुसमी थाना क्षेत्र की है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।

जांच के नाम पर पहुंचे अधिकारी, फिर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, कुसमी SDM करूण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा रविवार देर शाम राजस्व टीम के साथ हंसपुर गांव पहुंचे थे। यहां बक्साइट के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने के बाद जांच की जा रही थी।
इसी दौरान सरना स्थल के पास तीन ग्रामीण अधिकारियों की टीम से मिले। आरोप है कि इसी मुलाकात के दौरान विवाद बढ़ा और अधिकारियों व उनके साथ मौजूद युवकों ने तीनों ग्रामीणों की लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पिटाई कर दी।

गाड़ी में बैठाकर ले गए, रास्ते में बिगड़ी हालत
मारपीट के बाद तीनों ग्रामीणों को जबरन गाड़ी में बैठाकर कुसमी ले जाया गया। रास्ते में राम नरेश राम (60) की हालत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान राम नरेश राम की मौत हो गई। वहीं अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) का इलाज जारी है।
घायलों का दावा: खेत से लौटते वक्त रोका गया
घायल ग्रामीणों का कहना है कि वे गेहूं के खेत में पानी पटाकर रात करीब 8 बजे घर लौट रहे थे। तभी दो गाड़ियों में सवार 6–7 लोगों ने उन्हें रोका, पूछताछ की और अचानक मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के उन्हें पीटा गया और जबरन गाड़ी में बैठा लिया गया।

इलाके में तनाव, अस्पताल और थाने में पुलिस तैनात
घटना के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कुसमी अस्पताल और थाना परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं SDM, नायब तहसीलदार और मारपीट में शामिल बताए जा रहे युवकों को राजपुर थाना में रखा गया है।

अवैध बक्साइट, ट्रक पकड़ने और ब्लैकमेलिंग की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, हंसपुर में अवैध बक्साइट उत्खनन चल रहा था। ग्रामीणों ने एक बक्साइट लोड ट्रक पकड़ा था, जिसके बाद ब्लैकमेलिंग की बातें सामने आईं। इसी सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।
इस पूरे मामले की जांच के लिए अंबिकापुर से फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है। हालांकि अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।















