🟥📰 विशेष स्टोरी (EXCLUSIVE)
कोरबा | JB News Korba | रिपोर्ट: मनीष जायसवाल
छत्तीसगढ़/कोरबा :-जहां आज का इंसान छोटी-छोटी मुश्किलों में टूट जाता है, वहीं कोरबा की धरती पर एक ऐसा तपस्वी मौजूद है, जिसने अपने जीवन के 15 वर्ष सिर्फ तप, त्याग और अटूट संकल्प को समर्पित कर दिए।
यह कोई कहानी नहीं… बल्कि हकीकत है किशन शिल्क कुमार की—जो आज एक इंसान नहीं, बल्कि चलता-फिरता तप, आस्था और शक्ति का प्रतीक बन चुके हैं।
🔥 “2010 से शुरू हुआ तप… आज भी जारी”
साल 2010 से शुरू हुई यह साधना आज 15 वर्षों बाद भी बिना रुके जारी है।
👉 उनकी जटाएं अब 3.5 किलो वजन की हो चुकी हैं
👉 हाथ-पैरों के नाखून असामान्य रूप से बढ़ चुके हैं
👉 लंबी दाढ़ी और तपस्वी स्वरूप लोगों को स्तब्ध कर देता है
❗ भीषण गर्मी, तेज बारिश या कड़ाके की ठंड—कुछ भी उनके संकल्प को डिगा नहीं पाया।

😳 “देखने वाले रह जाते हैं हैरान”
कोसाबाड़ी स्थित हनुमान मंदिर के बाहर, खासकर हनुमान जयंती के दिन जब लोग उन्हें देखते हैं—
पहली नजर में लोग चौंक जाते हैं…
कोई उन्हें साधु समझता है, कोई चमत्कार…
लेकिन जब उनकी कहानी सामने आती है, तो हर कोई एक ही बात कहता है—
👉 “ऐसा संकल्प आज के समय में असंभव है!”
🧘 “साधारण युवक से असाधारण तपस्वी तक”
कभी एक सामान्य जीवन जीने वाले किशन शिल्क कुमार, किशोरावस्था में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े।
👉 यहां उन्होंने देशभक्ति और संस्कृति का गहरा संस्कार पाया
👉 बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े
गुरु के निधन के बाद उन्होंने दुनिया से अलग होकर तप की राह चुन ली।

🛕 “राम मंदिर के लिए लिया ऐतिहासिक संकल्प”
उन्होंने प्रण लिया कि—
👉 अयोध्या में राम मंदिर के कलश स्थापना तक वे सामान्य जीवन में नहीं लौटेंगे
और इसी प्रण ने उन्हें बना दिया हठयोगी…
☀️ “8 साल तक नहीं देखा सूरज!”
👉 लगातार 8 वर्षों तक सूर्य की रोशनी से दूर रहे
👉 शरीर पर सूरज की एक किरण तक नहीं पड़ने दी
👉 आज भी 24 घंटे खड़े रहकर मंत्र जाप करते हैं
⏳ कभी-कभी ही 1–2 घंटे बैठने का अवसर मिलता है
❗ यह तप सिर्फ शरीर का नहीं… आत्मा और संकल्प की चरम परीक्षा है।
🚩 “आज के युग में तप की सबसे बड़ी मिसाल”
किशन शिल्क कुमार की यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं—
👉 यह आस्था की ताकत है
👉 यह संकल्प की ऊंचाई है
👉 यह भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान है
✨ संदेश जो दिल को छू जाए
👉 “अगर संकल्प सच्चा हो, तो इंसान अपनी सीमाओं से भी आगे निकल सकता है…”
📢 JB News Korba | मनीष जायसवाल















