कोरबा: ऊर्जाधानी कोरबा में बीते दिनों डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाली महिला समूह को कचरा कलेक्ट करने के लिए ई कार्ट(बैटरी से संचाली 3 चक्का ई रिक्शा) सौंपी गई थी. पहले यह काम पैडल वाले रिक्शा से किया जाता था. स्वच्छता दीदियों की सहूलियत के लिए कुछ दिन पहले कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के हाथों चाबी देकर स्वच्छता दीदियों को ई कार्ट प्रदान किया. अब कुछ ही दिनों के भीतर इसमें खराबी आ गई, दूसरे ही दिन इसे फील्ड से खींचकर वापस कचरा संग्रहण केंद्र तक लाना पड़ा.

ई कार्ट में आ रही खराबी
पंचर होने और अन्य खराबी के कारण महिला समूह ने इसे मेंटेनेंस के लिए वापस लौटा दिया है. नगर निगम के केंद्रीय भंडार गृह में खरीदी के बाद काफी दिन तक इन्हें बिना उपयोग को खुले में ही खड़ा करके रखा गया है. काफी दिनों तक खड़े रहने के कारण नए ई कार्ट में खराबी आ रही है. जिससे महिलाओं को सहूलियत के स्थान पर मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है.

डीएमएफ मद से हुई थी 80 ई कार्ट की खरीदी
खनिज न्यास मद(डीएमएफ) से नगर निगम को 2 करोड़ 80 लाख रुपए प्रदान किए गए थे. जिससे कचरा संग्रहण के काम में लगी महिलाओं को मैन्युअल पैडल वाले रिक्शा के स्थान पर बैटरी से चलने वाले ई रिक्शा प्रदान की जा सके. कचरा संग्रहण के कार्य में आसानी के लिए यह खरीदी की गई थी. कचरा संग्रहण का काम ठीक से हो सके, इसके लिए 80 ई रिक्शा की खरीदी भी हुई, नगर निगम के अमले द्वारा महापौर और कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में इन्हें प्रदाय किया गया. लेकिन मिलने के कुछ समय बाद ही इनमें खराबी आने लगी है. 80 में से कुछ संख्या में ई रिक्शा को प्रदान कर दिया गया है. जबकि काफी सारे ई-रिक्शा अब भी केंद्रीय भंडार गृह में में खड़े हैं.

महीनों से भंडार गृह में खड़े हैं ई कार्ट
खरीदी के बाद पिछले कई महीनों से ई रिक्शा सीएसईबी चौक स्थित नगर पालिका निगम के केंद्रीय भंडार गृह में रखे हुए हैं. इन्हें किसी विशेष अवसर पर अतिथियों के हाथों स्वच्छता स्वच्छता दीदियों को प्रदाय किया जाता है. वितरण के इंतजार में ई रिक्शा काफी दिनों तक भंडार गृह में ही खड़े रहते हैं. जिसके कारण नई नवेले ई रिक्शा में भी खराबी आने लगी हैं. अधिक दिन तक उपयोग नहीं होने और खड़े रहने से इनमें कई तरह की दिक्कतें आनी भी शुरू हो गई है
अभी कुछ दिन पहले ही हमें ई रिक्शा प्रदाय किया गया था. हमें पांच ई रिक्शा मिले थे, जिसमें से चार पंचर थे. जिन्हें तत्काल वापस कर दिया, एक ठीक-ठाक था. जिसे फील्ड पर भेजा गया था. लेकिन इसमें भी खराबी आई- दुर्गावती, स्वच्छता दीदी
ई रिक्शा को फील्ड पर लेकर गए, तब इसमें खराबी आ गई. एक्सीलरेटर से स्पीड बढ़ाने के बाद भी रिक्शा आगे नहीं बढ़ रहा था. जिसके बाद इसे टोचन करके खींचकर सेंटर तक लाना पड़ा. हालांकि ई रिक्शा मिलने के बाद काम सुविधाजनक हो गया है- अनीता, स्वच्छता दीदी
स्वच्छता दीदी अनीता ने आगे बताया कि हमें पहले भी ई रिक्शा मिला है, पूर्व में कचरे का वजन काफी अधिक हो जाता था. पैडल वाले रिक्शा में काफी दूर तक इस खींचकर लाना पड़ता था. ई-रिक्शा मिलने से हमारे काम में सहूलियत हुई है. जो नई, ई–रिक्शा हमें मिली है. उसमें खराबी आई है, इसे ठीक कर दिया जाएगा, तो हमें हमारे काम में आसानी होगी.
सभी ई रिक्शा को फील्ड में उतारेंगे, समीक्षा करेंगे
इस बारे में नगर पालिक निगम कोरबा के कमिश्नर आशुतोष पांडे ने कहा कि ई रिक्शा में खराबी आने की समीक्षा की जाएगी, एक भी ई-रिक्शा भंडार गृह में खड़े नहीं रहेंगे. इसे फील्ड पर उतारा जाएगा. इंश्योरेंस और अन्य कुछ औपचारिकता शेष रहने की वजह से ये भंडार गृह में हैं. ई-रिक्शा की समीक्षा की जाएगी और इन्हें स्वच्छता दीदियों को प्रदान किया जाएगा. आशुतोष पांडे ने कहा कि हम उन्हें सुदृढ़ कर रहे हैं, उन्हें सुविधा प्रदान कर रहे हैं. ताकि वह इस काम को और बेहतर तरीके से कर सकें.















