- समूह की महिलाओं ने बनाया ‘ग्रीन पटाखा’, बिना बारूद के फूटेगा,
- बिना प्रदूषण के चमकेगी दिवाली..
पटाखो से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचता है, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी पटाखो को लेकर ठोस कदम उठाने सरकार को निर्देश दिए है…वही छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में इस बार ऐसे पटाखो का निर्माण हो रहा है, जो इको फ्रेंडली है जिसके फूटने पर पर्यावरण को नुकसान नही होगा. धमतरी जिले के ग्राम चटोद में दिवाली के लिए ग्रीन पटाखो का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है…जहाँ पर स्व सहायता समूह की करीब 100 महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है.जिसे लोकल से वोकल और महिला सशक्तिकरण की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.
बिना बारूद के बने इको-फ्रेंडली पटाखे…बता दे कि दीपावली सहित अन्य कई अवसरों पर प्रतिवर्ष पटाखो की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है.वही पटाखे के फूटने पर पर्यावरण को भी काफी नुकसान होता है….जिसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है.जिसे देखते हुए ग्राम चटोद में 5 एकड़ जमीन में श्री गणेशा फायरवर्क्स यूनिट लगाया गया है. जहां बिना बारूद के विभिन्न प्रकार के पटाखा बनाया जा रहा है.यूनिट के सेल्स हेड ने बताया कि यहां बनने वाले पटाखे पूरी तरह से इको फ्रेंडली है…जिसमे बारूद का इस्तेमाल नही किया जाता…ऐसे में पटाखे फूटने पर थोड़ा भी प्रदूषण नही फैलाते है.
बताया कि इस यूनिट में स्व सहायता समूह से जुड़ी 100 महिलाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है…यहाँ पर काम करने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें यहां अच्छी खासी मजदूरी मिलती है…जिससे उन्हें अपने घर परिवार चलाने में काफी मदद मिल रही है. साथ ही यहां काम करने में भी उनको अच्छा लगता है.
दीवाली त्यौहार नजदीक है। इस बार शहर व गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित ग्रीन पटाखों की आवाज दीवाली त्यौहार में गूंजेगी, पटाखा तैयार करने वाली इन महिलाओं को जिला प्रशासन की ओर से उनके वेतन के रूप में 04 लाख 75 हजार रुपये का चेक कलेक्टर ने सौंपा है, इससे महिलाओं में काफी उत्साह है,
धमतरी जिले के ग्राम चटोद के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इन महिलाओं द्वारा ग्रीन पटाखों के निर्माण कार्य बहुत ही उत्साहित और बड़े ही लगन से कर रहे कार्य जिसकी सराहना कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने उनके वेतन के रूप में 4 लाख 76 हजार रुपये का चेक सौंपा है, यह राशि श्री गणेशा फायर वर्क्स प्रा. लिमिटेड की ओर से प्रदान की गई है.















