कोरबा। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के सूक्ष्म संरक्षण एवं मार्गदर्शन मे देश विदेश में संचालित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2025-26 में कोरबा जिला में उच्च स्थान पाने वाले छात्र / छात्राओं को मान. महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर निगम कोरबा के मुख्य आतिथ्य एवं श्री तामेश्वर उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी तथा श्री राजेन्द्र पाण्डेय,पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा, जिला कोरबा के विशिष्ट आतिथ्य में गायत्री शक्ति पीठ कोरबा में प्रातः 10.30 बजे सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ देव चित्र पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर अक्षत पुष्प समर्पित करते हुए किया गया। तत्पश्चात मंचस्थ अतिथियों का स्वागत तिलक/रोली एवं मंत्र शाल भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में परीक्षा के जिला संयोजक कैप्टन मुकेश अदलखा ने परीक्षा का उद्देश्य बताते हुए प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
ज्ञातव्य हो कि गायत्री परिवार द्वारा प्रति वर्ष भारत देश के 22 राज्यों के अतिरिक्त नेपाल में भी कुल 11 भाषाओं में यह परीक्षा छात्र/छात्राओं को भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और परम्पराओं से अवगत कराने के उद्देश्य से विद्यालय स्तर पर कक्षा 5 से 12 तक तथा महाविद्यालय स्तर पर सभी कक्षाओं के छात्र / छात्राओं हेतु आयोजित की जाती है।
वर्ष 2025-26 में यह परीक्षा छत्तीसगढ़ राज्य में दिनांक 13.10.2025 दिन सोमवार को दोपहर 12 बजे से 01 बजे तक सम्पन्न हुई। उसी परीक्षा का परिणाम घोषित करते हुए कोरबा जिला में प्रावीण्य सूची में सम्मिलित छात्र/छात्राओं को आज सम्मानित किया गया।सम्मान में कक्षा 5 से 12 तक के छात्र/छात्राओं को मेडल एवं प्रावीण्य प्रमाण पत्र के साथ प्रथम स्थान वाले को 500 रू. द्वितीय स्थान वाले को 400 रू.एवं तृतीय स्थान वाले को 300 रू. की राशि तथा महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं को प्रथम स्थान पर 1000 रू, द्वितीय स्थान पर 700 रू. तथा तृतीय स्थान पर 500 रू. की राशि भी प्रदान की गई।

इस अवसर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर जिले के 24 विद्यालयों को स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान किया गया तथा कुछ प्राचार्यों एवं 278 सहयोगी शिक्षकों/शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
श्री तामेश्वर उपाध्याय,विशिष्ट अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आजकल के बच्चे पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति का तीब्र गति से अंधानुकरण कर रहे हैं।स्कूल एवं कालेज के पाठ्यक्रम में बच्चों को सामान्य ज्ञान, तकनीकी ज्ञान, व्यवसायिक ज्ञान आदि दिया जाता है लेकिन अपनी संस्कृति, नैतिक मूल्यों का महत्व भारतीय संस्कृति ही सिखाती है जिसके लिए यह परीक्षा बहुत ही उपयोगी है। इस परीक्षा के पाठ्यक्रम/विषयवस्तु में शामिल वेद, पुराण, उपनिषद, दर्शन शास्त्रों के जीवनोपयोगी सूत्रों के माध्यम से बच्चों में दिव्य संस्कार स्थापित किये जा रहे हैं ताकि भावी पीढ़ी को संस्कारवान पीढ़ी के रूप में गढ़ी जा सके।

मुख्य अतिथि की हैसियत से श्रीमती संजू देवी राजपूत ने सम्मानित छात्र /छात्राओं को बहुत बहुत बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर छात्र/छात्राओं ने भी परीक्षा से संबंधित अपने अपने विचार प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार प्रतिनिधि श्री शिवचरण कश्यप, गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी श्री कमलेश मिश्रा, जिला संयोजक श्री राजकुमार देवांगन, सह जिला संयोजक श्री पुरूषोत्तम पटेल, कोरबा ब्लॉक संयोजक श्री जीवेन्द्र कुमार शांडिल्य, श्री व्ही. के. यादव, श्री अरूण कौशिल, श्री घनश्याम साहू तथा कोरबा जिला के सभी विकास खंड से पहुंचे गायत्री परिवार के भाईयों और बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री रमाकांत साहू तथा श्री टेकराम यादव ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री मुकेश अदलखा ने किया।















