रायपुर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ सर्व समाज द्वारा बुलाए गए छत्तीसगढ़ बंद का असर आज पूरे प्रदेश में देखने को मिला। राजधानी रायपुर सहित दुर्ग और जगदलपुर में सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।
बंद के दौरान राजधानी रायपुर में कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल और कटोरा तालाब क्षेत्र के ब्लिंकिट गोदाम में जमकर तोड़फोड़ की गई। प्रदर्शनकारियों ने मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस को लेकर की गई सजावट को नुकसान पहुंचाया और मॉल के अंदर भी तोड़फोड़ की। वहीं ब्लिंकिट सेवा के संचालन का विरोध करते हुए कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं। इस बंद को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स का समर्थन मिला है। चैंबर से जुड़े व्यापारी सुबह राजधानी की प्रमुख सड़कों पर दुकानें बंद कराने निकले, जिनके साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट चैंबर ने भी बंद का समर्थन किया, जिसके चलते परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं।
बंद के कारण प्रदेश के कई इलाकों में दुकानें, सब्जी मंडियां, ट्रांसपोर्ट सेवाएं और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां ठप रहीं। रायपुर के साथ-साथ अन्य जिलों में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला।















