कोरबा, 12 अगस्त 2025 – विश्व के प्रथम आदिवासी शक्तिपीठ, कोरबा में पांच दिवसीय विश्व आदिवासी मूलनिवासी दिवस का रंगारंग समापन हुआ। इस गौरवशाली आयोजन में आदिवासी समाज के गौरवपूर्ण इतिहास, खेल-कूद और संस्कृति को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया।
पांच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में कबड्डी, तीरंदाजी समेत कई पारंपरिक खेल आयोजित हुए। सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, राष्ट्रीय आदिवासी परिधान फैशन शो और विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया। चिकित्सा शिविर में सुदूर वनांचल ग्राम के 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की जांच कर निःशुल्क दवाएं वितरित कीं। अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों को नगद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में विधायक तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पार्षद मुकेश राठौर और एम.एल. मरावी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्यता के बीच मंच पर मांदर की थाप पर थिरकते अतिथियों का दृश्य दर्शकों के लिए रोमांचक रहा। फैशन शो में अलग-अलग राज्यों की आदिवासी वेशभूषा ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
शक्तिपीठ के संरक्षक मोहन सिंह प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा, “आदिवासी समाज देश के विकास का मेरुदंड है और विश्व संस्कृति की जननी है।” उन्होंने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को शक्तिपीठ में 50 लाख के डोम और भवन निर्माण के योगदान के लिए धन्यवाद दिया। वहीं, मंत्री लखन देवांगन, जो कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, ने दूरभाष पर शुभकामनाएं देते हुए 50 लाख की लागत से बाउंड्री वॉल, पेवर ब्लॉक, नाली और प्रकाश व्यवस्था के निर्माण कार्य का उल्लेख किया।

कार्यक्रम की सफलता में अध्यक्ष बी.एस. पैंकरा, उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राज, बी.एम. धुर्वे, श्रीमती सुमन मिंत्रा नेताम, विक्रम सिंह कंवर, महासचिव एम.पी. सिंह तंवर, कार्यकारी अध्यक्ष गंगा सिंह कंवर, सांस्कृतिक प्रमुख रूपेंद्र सिंह पैंकरा, कोषाध्यक्ष लव कुमार मांझी, क्रीड़ा प्रभारी प्रवीण पालिया, हीरा सिदार, धर्मेंद्र ध्रुव, संगठन प्रमुख रमेश सिरका, वरिष्ठ सलाहकार सुभाष चंद्र भगत, गेंदलाल सिदार और महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी रही।जे . बी. न्यूज के संचालक मनीष जायसवाल का भी सम्मान किया गया।
संचालन उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राज ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष बी.एस. पैंकरा ने प्रस्तुत किया। पूरे आयोजन ने न सिर्फ आदिवासी संस्कृति का भव्य प्रदर्शन किया बल्कि समाज की एकता और गौरव का भी संदेश दिया।
















