17.45 करोड़ का RUB, वर्क ऑर्डर जारी… फिर भी ज़मीन पर सन्नाटा! आखिर काम शुरू क्यों नहीं?

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PWD का आदेश, ठेकेदार तय, समय सीमा 18 महीने… फिर देरी किसकी—सिस्टम या जिम्मेदारों की लापरवाही?

कोरबा शहर की ट्रैफिक समस्या को खत्म करने के लिए चांपा–गेवरा रेलवे लाइन पर रेलवे अंडरब्रिज (RUB) निर्माण की बड़ी घोषणा तो हो गई, वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया, करोड़ों का बजट भी तय हो गया… लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
लोक निर्माण विभाग (PWD), बिलासपुर द्वारा 17 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से इस महत्वपूर्ण परियोजना का ठेका रायपुर की शीला कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। दस्तावेजों में सब कुछ तय है—18 महीने की समय सीमा, 5 साल की जिम्मेदारी… लेकिन मौके पर अब तक एक ईंट तक नहीं रखी गई।
सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 जब वर्क ऑर्डर 19 जनवरी 2026 को जारी हो चुका है, तो आखिर काम शुरू क्यों नहीं हुआ?
👉 क्या फाइलों में ही दौड़ रही है विकास की गाड़ी?
👉 या फिर जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार के बीच तालमेल की कमी है?
स्थानीय लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। रोजाना इस मार्ग पर लगने वाले जाम और रेलवे फाटक की समस्या से परेशान लोग पूछ रहे हैं कि आखिर उन्हें राहत कब मिलेगी।
जानकारों की मानें तो ऐसे प्रोजेक्ट में अक्सर भूमि संबंधी प्रक्रिया, रेलवे से अनुमति, या तकनीकी स्वीकृति में देरी होती है… लेकिन सवाल यह भी है कि क्या इन सभी प्रक्रियाओं को पहले पूरा नहीं किया जाना चाहिए था?
अब यह मामला सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सिस्टम की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
अगर समय रहते काम शुरू नहीं हुआ, तो 18 महीने की समय सीमा भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह सकती है।


⚠️ तीखा सवाल:
“क्या कोरबा की जनता को फिर इंतजार करना पड़ेगा? या जिम्मेदार अब नींद से जागेंगे?”
📌 डिस्क्रिप्शन (दमदार):
कोरबा में 17.45 करोड़ के रेलवे अंडरब्रिज का वर्क ऑर्डर जारी, लेकिन जमीन पर काम शून्य! आखिर देरी क्यों? सिस्टम की लापरवाही या अंदर की कोई और कहानी? देखिए पूरी रिपोर्ट।
JB News Korba | Manish Jaiswal

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