विश्व सर्प दिवस: “सर्प बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन बचेगा” — जितेंद्र सारथी,देखिए विडिओ

Must Read


कोरबा, विश्व सर्प दिवस के अवसर पर नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी (वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम कोरबा) ने लोगों से सर्पों के संरक्षण और उनके साथ सह-अस्तित्व का संदेश देते हुए जागरूकता अभियान चलाया। संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी ने कहा कि सर्प पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनसे डरने के बजाय उन्हें समझने की आवश्यकता है।


उन्होंने बताया कि संस्था वर्षों से वन विभाग के सहयोग से जिले में सर्प संरक्षण, सुरक्षित रेस्क्यू, जन-जागरूकता तथा मानव–सर्प संघर्ष को कम करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। अब तक हजारों सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा चुका है। साथ ही स्कूलों, महाविद्यालयों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में लोगों को यह जानकारी दी जा रही है कि अधिकांश सर्प विषहीन होते हैं और बिना कारण किसी पर हमला नहीं करते।
जितेंद्र सारथी ने कहा कि भय और अंधविश्वास के कारण सर्पों की हत्या करना न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत दंडनीय अपराध भी हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी घर, कार्यालय या सार्वजनिक स्थान पर सर्प दिखाई दे तो उसे मारने का प्रयास न करें, बल्कि वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
कोरबा में किंग कोबरा की मौजूदगी महत्वपूर्ण
कोरबा जिला जैव विविधता की दृष्टि से बेहद समृद्ध माना जाता है। मध्य भारत में किंग कोबरा की उपस्थिति कोरबा के लिए विशेष महत्व रखती है। यह विश्व का सबसे लंबा विषैला सर्प है और इसकी मौजूदगी स्वस्थ वन पारिस्थितिकी का संकेत मानी जाती है। इसके संरक्षण के लिए कोरबा वन मंडल और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं।
वन अधिकारियों की अपील
वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव ने कहा कि सर्प खेतों और जंगलों में चूहों व अन्य हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित कर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हैं। बिना कारण किसी भी सर्प को मारना जैव विविधता के लिए नुकसानदायक होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है।
कटघोरा वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत ने वर्षा ऋतु में सर्प दिखाई देने पर घबराने के बजाय वन विभाग के हेल्पलाइन 18002331416 और 8817534455 पर सूचना देने की अपील की। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी।
उप वनमंडलाधिकारी (दक्षिण) सूर्यकांत सोनी ने बताया कि वन विभाग प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों के माध्यम से सर्पों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ने का कार्य लगातार कर रहा है।
संरक्षण का संदेश
विश्व सर्प दिवस पर कोरबा वन मंडल, कटघोरा वन मंडल एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी ने संयुक्त रूप से नागरिकों से अपील की—
“सर्प बचेंगे, तभी प्रकृति का संतुलन बचेगा। आइए, भय नहीं बल्कि संरक्षण का संदेश अपनाएं।”

- Advertisement -
Latest News

दादर में रथ यात्रा के दौरान मेले के समीप बिजली के तार पर बैठा था अजगर, वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित रेस्क्यु...

कोरबा – कोरबा जिले के दादर में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन...

More Articles Like This