कोरबा। रेलवे एक अप्रैल 2026 से नियमों में बदलाव कर रहा है। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि अब यात्री ट्रेन रवानगी से केवल आधे घंटे पहले भी अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। मतलब यादि निर्धारित स्टेशन तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो आधे घंटे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल कर अगले स्टेशन पर अपनी कंफर्म सीट ले सकते हैं। इसके अलावा अब रिफंड पाने के लिए कम से कम आठ घंटे पहले ही टिकट निरस्त करना होगा। इसके बाद रद्द टिकट पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले इसकी समयसीमा चार घंटे थी। साथ ही रेलवे ने यह भी कहा है कि आठ से 24 घंटे पहले तक निरस्त टिकटों पर यात्रियों को 50 प्रतिशत किराया वापस कर दिया जाएगा। जबकि 24 से 72 घंटे के बीच टिकट निरस्त कराने पर 25 प्रतिशत कैंसिलेशनर चार्ज लिया जाएगा। रेल मंत्रालय ने टिकटों की कालाबाजारी और तत्काल टिकट का गलत तरीके से इस्तेमाल को भी रोकने का फैसला किया है। अब तत्काल टिकट के लिए भी आधार सत्यापन किया जाएगा। इससे एजेंटों और दलालों की क्षमता कमजोर होगी। रेलवे ने सिस्टम के जरिए बड़ी संख्या में नकली एकाउंटों को हटा दिया है, जिनसे टिकट बुकिंग की जा रही थी। साथ ही आठ घंटे पहले ही आरक्षण चार्ट जारी कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी। यह भी कहा गया है कि जिस स्टेशन से टिकट लिया गया, वहीं टिकट निरस्त करने का प्रावधान हटा दिया गया है। सबसे बड़ी बात ई-टिकट को रद्द करने क लिए टीडीआर जमा करने का बंधन भी खत्म कर दिया गया है। टिकट रद्द किए जाने पर पैसे स्वत: ही वापस मिल जाएंगे। इसके अलावा यात्री चाहें तो प्रस्थान से केवल 30 मिनट पहले भी अपनी सीट को अपग्रेड कर सकेंगे यानी श्रेणी बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट जारी होने तक मिल रही थी।
वेटिंग टिकट पर अब यात्रा नहीं
रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि स्लीपर या एसी बोगी में वेटिंग टिकट लेकर यात्रा नहीं जा सकती। ऐसे यात्रियों को जुर्माना तो देना ही पड़ेगा, रास्ते में टीटीई कहीं भी उतार सकते हैं। अब आरएसी भी समाप्त करने का नीतिगत फैसला लिया गया है। रिजर्व टिकट कैंसिल होने पर प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को आरएसी में सीट दी जाती थी। अब यह सुविधा नहीं मिलेगी। रेलवे ने सभी रेलवे जोन को आदेश भेज कर कहा है कि अमृत भारत एक्सप्रेस में आरएसी पर यात्रियों को सीट नहीं दी जाए।















