अमगांव में सरकारी भवनों पर बुलडोजर मामले में प्रशासन का स्पष्टीकरण, ‘पहले हो चुकी थी शिफ्टिंग, फिर हटाए गए जर्जर भवन

Must Read

कोरबा, 20 सितंबर। Amgaon Bulldozer Action : हरदीबाजार तहसील के ग्राम अमगांव में एसईसीएल द्वारा शासकीय भवनों को हटाए जाने को लेकर उठे सवालों के बीच जिला प्रशासन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। प्रशासन का कहना है कि पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी, छात्रावास और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कार्रवाई से पहले ही वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका था। इसके बाद ही जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई।

जर्जर भवनों को पहले ही कराया गया था शिफ्ट

प्रशासन के मुताबिक, खदान क्षेत्र के नजदीक स्थित पटवारी कार्यालय, आंगनबाड़ी भवन और छात्रावास लंबे समय से जर्जर हालत में थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संस्थानों को पहले ही दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। पटवारी कार्यालय को करीब दो माह पहले तहसील कार्यालय में शिफ्ट किया गया था, जबकि छात्रावास और आंगनबाड़ी केंद्र भी वैकल्पिक स्थानों से संचालित किए जा रहे थे।

पीएचसी को लेकर भी प्रशासन ने दी सफाई

अमगांव में सबसे ज्यादा सवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर उठे थे। प्रशासन का कहना है कि खदान क्षेत्र के समीप होने के कारण पीएचसी को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी था। संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी ने पत्र के माध्यम से प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद विध्वंस की कार्रवाई से करीब दो दिन पहले ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्वास्थ्य सेवाएं वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए संचालित की जा रही हैं।

प्रशासन का दावा- पहले शिफ्टिंग, फिर विध्वंस

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संचालित सरकारी कार्यालय या संस्था को बलपूर्वक नहीं तोड़ा गया। प्रशासन के अनुसार खदान विस्तार और भवनों की जर्जर स्थिति को देखते हुए संबंधित संस्थानों के लिए पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए गए और इसके बाद एसईसीएल ने जिला प्रशासन के समन्वय एवं सहयोग से निष्प्रयोज्य भवनों को हटाया।

ग्रामीणों की मांगों पर भी जारी है समन्वय

अमगांव, हरदीबाजार और अन्य खदान प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार, पुनर्वास समेत विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगातार मुद्दे उठाए जाते रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इन विषयों पर एसईसीएल प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है और ग्रामीणों से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन के दावे और ग्रामीणों की आपत्तियों के बीच वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और मौके की स्थिति से और स्पष्ट हो सकेगी।

- Advertisement -
Latest News

गणेश उत्सव को लेकर कोरबा पुलिस का विशेष अभियान, बदमाशों और वारंटियों पर कार्रवाई,देखिए विडिओ

कोरबा। आगामी गणेश उत्सव एवं गणेश विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से कोरबा...

More Articles Like This