नैनीताल के कैंची धाम और नीम करोली बाबा से जुड़ी फिल्म अंश’ के मुख्य कलाकार का कोरबा आगमन, रामलीला में उमड़ा उत्साह
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में आयोजित भव्य रामलीला में फिल्म अभिनेता शोभिनव सत्या के आगमन से उत्साह का माहौल देखने को मिला। घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन थिएटर में आयोजित रामलीला के मंच से महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय सहित जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान भगवान श्रीराम के प्रति आस्था, नीम करोली बाबा के प्रति श्रद्धा और भारतीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि कोरबा में रामलीला का आयोजन शहर के लिए गौरव की बात है। उन्होंने अभिनेता शोभिनव सत्या का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले वर्ष भी रामलीला में विशिष्ट संतों और अतिथियों का आगमन हुआ था, जबकि इस वर्ष भगवान हनुमान की भूमिका से जुड़े कलाकार का शहर में पहुंचना कोरबा के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बाबा नीम करोली के प्रति उनकी गहरी आस्था है और हाल ही में उन्होंने कैंची धाम में दर्शन भी किए थे। ऐसे में अभिनेता का कोरबा पहुंचना उनके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है।

महापौर ने कोरबा की जनता की ओर से अभिनेता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से रामलीला का उत्साह और बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
डिजिटल दुनिया से बच्चों को जोड़ रही रामलीला
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि कोरबा नगर निगम द्वारा रामलीला का आयोजन केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष रामलीला के दौरान लगभग 400 बच्चों ने प्रतिदिन करीब पांच घंटे कार्यक्रम से जुड़कर समय बिताया था। इस तरह बच्चों को डिजिटल दुनिया से कुछ समय दूर रखकर सांस्कृतिक गतिविधियों, रामायण के प्रसंगों और पात्रों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों को समझने का अवसर मिला।
आयुक्त ने कहा कि राम, सीता और रावण जैसे पात्रों के प्रसंगों से बच्चों को आदर्श जीवन, कर्तव्य, मर्यादा और अच्छे-बुरे के बीच अंतर समझने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कोरबा नगर निगम इस सांस्कृतिक आयोजन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘ईश्वर का आशीर्वाद ही सबसे बड़ा सहारा’
अभिनेता शोभिनव सत्या ने अपने संबोधन में कोरबा की जनता, महापौर संजू देवी राजपूत और नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी सम्मान और प्यार मिल रहा है, उसे वह भगवान और बाबा नीम करोली की कृपा मानते हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में कई तरह की परिस्थितियां आती हैं। बड़े-बड़े ज्ञानी भी माया के प्रभाव से नहीं बच पाए हैं। ऐसे में भगवान का आशीर्वाद ही व्यक्ति को सही मार्ग पर बनाए रखने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा प्रार्थना करते हैं कि भगवान उन्हें माया के प्रभाव से बचाकर रखें और सही रास्ते पर चलने की शक्ति दें।
अभिनेता ने कहा कि लोग उनके भीतर बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था का भाव देखते हैं। उन्होंने इस सम्मान के लिए कोरबा के लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद खुशी हुई है।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का प्रयास
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मंच नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी देते हैं।
कोरबा में रामलीला के आयोजन को लेकर शहरवासियों में उत्साह है। अभिनेता शोभिनव सत्या की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
जय श्रीराम! सीताराम!















