कोरबा | JB न्यूज़ रिपोर्ट
कोरबा जिले में रेत का खेल दिन-प्रतिदिन बेलगाम होता जा रहा है। ताजा मामला कुदुरमाल क्षेत्र का है, जहां खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। यह बालू बिना किसी रोकटोक के निकाली जा रही है और सीधे भारतमाला सड़क परियोजना में सप्लाई की जा रही है। रेत को जिल्गा कैंप में खाली किया जा रहा है, जहां से आगे निर्माण कार्य के लिए इसका उपयोग हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा कारोबार सुनियोजित तरीके से चल रहा है और इसकी जानकारी संबंधित विभागों को होने के बावजूद भी प्रशासन मौन है। न तो नदियों की निगरानी हो रही है और न ही बालू से लदी गाड़ियों पर कोई कार्यवाही की जा रही है।
खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाके के लोगों और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और खनिज अधिकारियों से इस अवैध कारोबार के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
कोरबा के कुदुरमाल, जिल्गा और आसपास के क्षेत्रों में यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन सकता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और रेत माफियाओं के खिलाफ क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।















