रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। भारत सरकार के निर्देशों के तहत यह निर्णय लिया गया है कि यदि कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका नगरीय निकायों या पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ती हैं और निर्वाचित हो जाती हैं, तो उन्हें अपने आंगनबाड़ी पद से त्यागपत्र देना होगा या पदमुक्त कर दिया जाएगा।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नई दिल्ली के परिपत्र क्रमांक एफ नं. 19-18/2009-CD, दिनांक 26 मई 2010 के निर्देशों का पालन किया गया है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को यह विकल्प दिया जाएगा कि वे आंगनबाड़ी पद या निर्वाचित प्रतिनिधि में से किसी एक को ही चुनें।
संशोधित निर्देशों की प्रमुख बातें:
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका यदि नगरीय निकायों या पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ती हैं और निर्वाचित होती हैं, तो वे आंगनबाड़ी पद पर नियमित नहीं रह सकेंगी।
- निर्वाचित प्रतिनिधि बनने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को आंगनबाड़ी पद से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।
- अगर वे इस्तीफा नहीं देती हैं, तो उन्हें शासन द्वारा पदमुक्त कर दिया जाएगा।















