त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: पहले चरण में घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ऐतिहासिक मतदान
सोमवार को बलरामपुर जिले के चुनचुन पुनदाग समेत अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग और महिलाओं ने लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

मतदान में दिखा जोश, 86.39% लोगों ने किया अपने मताधिकार का प्रयोग
जिले के राजपुर, कुसमी और सूरजपुर ब्लॉक में कुल 2,15,038 मतदाताओं के लिए मतदान हुआ। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,06,384 और महिला मतदाताओं की संख्या 1,08,653 थी, जबकि अन्य वर्ग से 1 मतदाता ने भी मतदान किया। कुल मिलाकर जिले में 86.39% मतदान दर्ज किया गया, जो लोकतंत्र में जनता की गहरी आस्था को दर्शाता है।

ब्लॉकवार मतदान प्रतिशत:
राजपुर ब्लॉक (70 पंचायत) – 87.57%
कुसमी ब्लॉक (77 पंचायत) – 84.21%
शंकरगढ़ ब्लॉक (60 पंचायत) – 87.62%
मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। नक्सल प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, जिससे मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सकी।

महिलाओं और युवाओं ने दिखाया उत्साह
इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी, जो ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है। इसके अलावा पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बना यह चुनाव
बलरामपुर जिले के इन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इतने बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण मतदान होना एक सकारात्मक संकेत है। इससे यह साबित होता है कि लोग न केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक हैं, बल्कि नक्सलवाद जैसी समस्याओं को पीछे छोड़कर विकास और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हैं।

अब सभी की निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि ग्राम पंचायतों का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव ने लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत किया है।















