बुलडोजर चला नक्सलियों के स्मारक पर , देखिए वीडियो

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नक्सलियों के आधार स्तम्भ पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। सुकमा जिले के बुर्कलंका में वर्ष 1998 में बनाए गए विशाल नक्सली स्मारक को सुरक्षा बलों ने बुलडोज़र चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के जवानों द्वारा कमांडेंट प्रेमजीत कुमार के निर्देश पर की गई। बताया जा रहा है कि यह स्मारक दक्षिण बस्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा नक्सली स्मारक था, जिसे संगठन अपनी ताकत और प्रभाव के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

*क्या है इस कार्रवाई का महत्व?*

यह स्मारक वर्ष 1998 में बनाया गया था।
इसे माओवादी संगठन अपनी वैचारिक और क्षेत्रीय पकड़ के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल करता था।
सुरक्षा बलों का मानना है कि ऐसे स्मारक संगठन के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को बनाए रखने का माध्यम होते हैं।

गौरतलब है कि बीते 3 जनवरी को इसी क्षेत्र में सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद से इलाके में लगातार सर्चिंग और दबिश अभियान जारी है।

*मनोवैज्ञानिक बढ़त की रणनीति:*

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, नक्सली स्मारकों को ध्वस्त करना सिर्फ भौतिक संरचना को गिराना नहीं है, बल्कि संगठन के प्रतीकात्मक प्रभाव और दबदबे को तोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।

दक्षिण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार तेज हो रहा है और सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई से संगठन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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