DSPMताप विद्युत गृह और कोरबा वेस्ट में गूंजी OPS की आवाज, 12 संगठनों के संयुक्त अधिकार मंच ने छेड़ी निर्णायक जंग
कोरबा, 11 सितंबर 2026।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिलाने की मांग को लेकर आज आंदोलन का शंखनाद हो गया। 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से वंचित किए जाने के विरोध में पावर कंपनी के विभिन्न अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के संयुक्त अधिकार मंच के आह्वान पर आज प्रदेशभर में आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत हुई।

इसी क्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह एवं कोरबा वेस्ट पावर प्लांट के मुख्यालय परिसर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एकत्रित हुए। संयुक्त आमसभा में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की और एकजुट होकर शासन एवं कंपनी प्रबंधन से OPS लागू करने की मांग की।
अधिकारी-कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि पुरानी पेंशन केवल पेंशन व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है।
एक मंच, एक आवाज—पुरानी पेंशन बहाल करो
संयुक्त आमसभा को संबोधित करते हुए अधिकार मंच ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने वाले कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और कंपनी प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
अधिकार मंच ने कहा कि 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से बाहर रखना उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए इस मांग को लेकर अब चरणबद्ध एवं संगठित आंदोलन शुरू किया गया है।

12 संगठन एकजुट, एक मांग—OPS
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अधिकार मंच के बैनर तले पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर संघर्ष का ऐलान किया है। इनमें प्रमुख रूप से—
- अभियंता संघ
- डिप्लोमा इंजीनियर संगठन
- आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ
- फेडरेशन-01
- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन
- फेडरेशन-56
- तकनीकी एकता यूनियन
- ऑफिसर रीजनल एसोसिएशन
- तकनीकी कर्मचारी संघ
- डॉक्टर एसोसिएशन
- बिजली मजदूर संघ महासंघ
- अधिकार मंच से संबद्ध अन्य अधिकारी-कर्मचारी संगठन
शामिल हैं।

इन संगठनों ने एक स्वर में कहा कि OPS की मांग को लेकर संघर्ष किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि पावर कंपनी के हजारों अधिकारी-कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य की सामूहिक लड़ाई है।
11 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन का आगाज
आज के कार्यक्रम के साथ आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत हुई। प्रदेश के विभिन्न रीजन एवं क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त आमसभाएं आयोजित कर कंपनी प्रबंधन के समक्ष ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
आंदोलन के अगले चरण में प्रदेश के मंत्री, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर पावर कंपनी के लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने की मांग रखी जाएगी।
19 सितंबर को रायपुर में होगी समीक्षा बैठक
अधिकार मंच की 19 सितंबर को रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। इसमें 11 सितंबर से शुरू हुए आंदोलन की समीक्षा की जाएगी तथा शासन एवं कंपनी प्रबंधन के रुख को देखते हुए आंदोलन के अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।
5 अक्टूबर को रायपुर में महाप्रदर्शन
अधिकार मंच ने आंदोलन का अगला बड़ा चरण 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित डांगरिया कंपनी मुख्यालय में विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इस महाप्रदर्शन में प्रदेशभर से पावर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे।
अधिकार मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि 5 अक्टूबर तक पुरानी पेंशन लागू करने की दिशा में ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक स्वरूप दिया जाएगा।
पुरानी पेंशन—सम्मान और सुरक्षित भविष्य की लड़ाई
अधिकार मंच ने कहा कि बिजली कर्मचारी प्रदेश की आर्थिक एवं औद्योगिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में हजारों अधिकारी-कर्मचारी निरंतर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ऐसे में 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित रखना उनके भविष्य की सुरक्षा का महत्वपूर्ण प्रश्न है। मंच ने शासन से मांग की है कि पावर कंपनी के लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों की भावनाओं को देखते हुए OPS लागू करने की दिशा में तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
अधिकार मंच का स्पष्ट संदेश
«“पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं, कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य का अधिकार है। 12 संगठन एकजुट हैं। OPS लागू होने तक संघर्ष जारी रहेगा।”»
आंदोलन की तारीखें एक नजर में
11 सितंबर — क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त आमसभा एवं ज्ञापन
11 सितंबर के बाद — मंत्री, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
19 सितंबर — रायपुर में 12 संगठनों की समीक्षा बैठक
5 अक्टूबर — डांगरिया, रायपुर में विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा
अधिकार मंच ने शासन एवं पावर कंपनी प्रबंधन से पुनः आग्रह किया है कि पुरानी पेंशन की मांग पर संवेदनशीलता से विचार करते हुए लगभग 10 हजार अधिकारी-कर्मचारियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

















