कोरबा। शादी की उम्मीद के साथ शुरू हुए प्रेम संबंध का अंत हत्या की वारदात में हुआ। प्रेमिका के दूसरे युवकों से संबंध होने के संदेह में विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नन्दे ने आरोपी पिन्टू उर्फ लोकेश उर्फ लोकेश्वर पटेल (25), निवासी आमापाली, सक्ती को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासन की ओर से लोक अभियोजक राजेंद्र साहू ने पैरवी की।
शादी की चर्चा के बीच बढ़ी नजदीकियां
अभियोजन के अनुसार आरोपी और पूजा पटेल की पहचान मई 2024 में रीवापार में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। दोनों ने मोबाइल नंबर साझा किए और बातचीत के बाद उनके बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों परिवारों में शादी की चर्चा भी शुरू हो गई थी।
इसी दौरान आरोपी को कथित तौर पर पूजा के अन्य युवकों से संबंध होने की जानकारी मिली। इसे लेकर वह उससे नाराज रहने लगा और दोनों के बीच विवाद होने लगा।
हत्या से दो दिन पहले खरीदी थी चांदी की चेन
अभियोजन के अनुसार घटना से दो दिन पहले 23 नवंबर 2024 को आरोपी ने पूजा को देने के लिए सक्ती स्थित शिव कुमार सराफ ज्वेलर्स से 1050 रुपये में चांदी की चेन खरीदी थी।
अभियोजन के अनुसार घटना से दो दिन पहले 23 नवंबर 2024 को आरोपी ने पूजा को देने के लिए सक्ती स्थित शिव कुमार सराफ ज्वेलर्स से 1050 रुपये में चांदी की चेन खरीदी थी।
घर में अकेली थी पूजा, बुलाया था प्रेमी को
25 नवंबर 2024 को पूजा ने आरोपी को फोन कर घर में किसी के नहीं होने की बात कही और उसे बुलाया। आरोपी मोटरसाइकिल से सिलयारीभांठा पहुंचा। दोनों घर के अंदर बैठकर बातचीत करने लगे। अभियोजन के मुताबिक दोनों के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध भी बने।
इसके बाद आरोपी ने पूजा से अन्य युवकों से संबंध नहीं रखने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। गाली-गलौज और मारपीट के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पूजा को खाट पर पटक दिया और गमछे से उसका मुंह व गला दबा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।
दूसरे युवक को फंसाने की कोशिश का आरोप
अभियोजन के अनुसार वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूजा के एक अन्य प्रेमी को हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश की। उसने कॉलेज के प्रश्नपत्र पर उसके नाम से एक पत्र लिखकर मौके पर फेंक दिया। आरोपी अपना बैग भी वहीं छोड़ गया और कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल गमछा लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गया।
विवेचना के दौरान आरोपी के कथित कथन के आधार पर गमछे की बरामदगी भैंसमा कॉलेज के सामने बिजली के खंभे के पास छोटी पुलिया में पत्थर के नीचे से कराए जाने की बात अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष रखी।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना के बाद पूजा को उपचार के लिए न्यू कोरबा अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मर्ग जांच और पोस्टमार्टम के बाद चिकित्सकीय क्यूरी रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक होने की संभावना व्यक्त की गई।नए स्थान तलाशें
विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और न्यायालय में प्रस्तुत अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हत्या का दोषी माना गया। इसके बाद न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आरोपी पिन्टू उर्फ लोकेश उर्फ लोकेश्वर पटेल को आजीवन कारावास और 100 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

















