☕🌿 वीकेंड कॉफ़ी विद आशुतोष पांडे : रानी झरना की वादियों में खास सफर,देखिए विडिओ

Must Read


कोरबा। शहर की भागदौड़ और रोज़मर्रा की थकान से दूर अगर प्रकृति की गोद में कुछ पल बिताने हों, तो कोरबा से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित “रानी का झरना” किसी जन्नत से कम नहीं। घने जंगलों, पहाड़ी नदी, ठंडी हवाओं और झरने की गूंज के बीच यह ट्रेक अब प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनता जा रहा है।


पिछले सप्ताह पाँच दोस्तों की टोली — क्षितिज, उमेश, विपिन, ड्रोन ब्रो और लेखक — इस रोमांचक सफर पर निकली। जंगल विभाग द्वारा संरक्षित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नजर आया। प्रवेश द्वार पर वन संस्कृति की आकर्षक झलक, बम्बू हाउस, लकड़ी की बेंच और पर्यावरण संरक्षण के संदेश पर्यटकों का स्वागत करते दिखे।


करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे इस ट्रेक के दौरान साथ-साथ बहती पहाड़ी नदी पूरे सफर को और खूबसूरत बनाती है। रास्ते में बंदरों की आवाजें, पक्षियों की चहचहाहट और नदी किनारे दिखाई देने वाला सांप रोमांच को और बढ़ा देता है। कई जगहों पर संकरे रास्ते और पेड़ों के तनों से बने प्राकृतिक पुल ट्रेकिंग को एडवेंचर का एहसास कराते हैं।


जंगल की ठंडी हवा और पहाड़ी नदी का निर्मल पानी यात्रियों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है। इसी सफर के बीच ड्रोन कैमरे से खूबसूरत दृश्य कैद किए गए, जबकि साथी प्रकृति की शांति में खोए रहे।
कुछ देर बाद सामने दिखाई दिया “रानी का झरना” — सैकड़ों फीट ऊपर से गिरता पानी, सूरज की किरणों में चमकती फुहारें और चारों ओर फैली हरियाली। दृश्य इतना मनमोहक था कि सभी मंत्रमुग्ध रह गए। झरने के नीचे बने प्राकृतिक कुंड में स्नान का अनुभव किसी वेव पूल से कम नहीं लगा।
इस ट्रेक का सबसे खास पल तब आया जब साथी विपिन ने जंगल के बीच कॉफ़ी बनाने का सरप्राइज दिया। लकड़ियों के सहारे तैयार हुई गर्मागर्म कॉफ़ी की खुशबू पूरे वातावरण में फैल गई और झरने के किनारे बैठकर कॉफ़ी की चुस्कियों ने सफर को यादगार बना दिया।


रानी के झरने के आसपास का वातावरण बेहद ठंडा और ऑक्सीजन से भरपूर महसूस हुआ। उलझी लताएं, विशाल पत्थर और प्राकृतिक शांति ने सतपुड़ा के घने जंगलों जैसी अनुभूति कराई। कुछ देर बाद ऐसा लगा मानो जंगल के पशु-पक्षी भी इंसानों से घुलमिल गए हों।
वापसी के दौरान अजगरबहार में प्रसिद्ध “उड़द बड़ा” दुकान पर रुककर तीखी चटनी और ताजे कुरकुरे बड़े का स्वाद लिया गया, जो अब सोशल मीडिया और फूड ब्लॉगर्स के बीच काफी लोकप्रिय हो चुका है।
प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच, सुकून और स्वाद से भरा “रानी का झरना” ट्रेक अब कोरबा के सबसे बेहतरीन वीकेंड डेस्टिनेशन में शामिल होता जा रहा है।


⚠️ महत्वपूर्ण सूचना
जंगल क्षेत्र होने के कारण यहां जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने यहां आने-जाने का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया है।

- Advertisement -
Latest News

सक्ती: 20 हजार की रिश्वत लेते चंद्रपुर थाने का ASI गिरफ्तार, ACB बिलासपुर की बड़ी कार्रवाई,देखिए विडिओ

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसीबी (ACB) बिलासपुर की...

More Articles Like This