सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसीबी (ACB) बिलासपुर की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस विभाग के एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी एएसआई की पहचान एस.एन. मिश्रा के रूप में हुई है, जो चंद्रपुर थाने में पदस्थ थे।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बालपुर निवासी शिव प्रसाद बरेठ और उनके परिवार के खिलाफ चंद्रपुर थाने में मारपीट का एक मामला दर्ज था। इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई से बचाने और मदद करने के नाम पर एएसआई एस.एन. मिश्रा ने 40 हजार रुपए की मांग की थी।
- सौदा: कुल 40 हजार रुपए की डिमांड की गई थी।
- पहली किश्त: आरोपी एएसआई पहले ही 20 हजार रुपए की पहली किश्त वसूल चुका था।
- ट्रैप: शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी बिलासपुर में मामले की शिकायत कर दी।
ढाबे पर बिछाया गया जाल
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद शनिवार, 10 मई 2026 को जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, एएसआई ने प्रार्थी को रिश्वत की दूसरी किश्त (20 हजार रुपए) देने के लिए चंद्रपुर स्थित गुड्डू ढाबा में बुलाया। जैसे ही शिव प्रसाद ने एएसआई को पैसे थमाए, पहले से तैनात डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने उसे धर दबोचा।
पुलिस महकमे में हड़कंप
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है। सूत्रों की मानें तो एस.एन. मिश्रा के खिलाफ काफी समय से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।
“यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं। इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम कसी जा सके।”
— अजितेश सिंह, डीएसपी, एसीबी बिलासपुरमुख्य बिंदु:
- आरोपी: एएसआई एस.एन. मिश्रा (थाना चंद्रपुर)।
- रिश्वत की राशि: 20,000 रुपए (कुल मांग 40,000)।
- स्थान: गुड्डू ढाबा, चंद्रपुर, जिला सक्ती।
- कार्यवाही टीम: एसीबी बिलासपुर।















