स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का दावा “न कोई स्कूल बंद हो रहा, न किसी शिक्षक को सजा मिल रही, कांग्रेस फैला रही है झूठ और भ्रम”
मनेन्द्रगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ में शाला युक्तियुक्तकरण को लेकर शुरू हुई सियासी जंग अब और तेज हो गई है। इसी कड़ी में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंबिकापुर में बड़ा बयान देते हुए कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण पूरी तरह शैक्षणिक सुधार की दिशा में उठाया गया आवश्यक कदम है, जिसे विपक्ष गलत तरीके से जनता के सामने प्रस्तुत कर रहा है।
युक्तियुक्तकरण कोई ट्रांसफर या सजा नहीं, यह जरूरत है व्यवस्था सुधार की”
पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री जायसवाल ने दो टूक कहा कि, “युक्तियुक्तकरण को लेकर कांग्रेस झूठ फैला रही है। सच ये है कि इस प्रक्रिया में एक भी स्कूल बंद नहीं किया जा रहा है। यह किसी शिक्षक को दंड देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जहां जरूरत है वहां शिक्षकों को भेजकर संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास है।” उन्होंने साफ किया कि इस कवायद का उद्देश्य केवल यही है कि जहाँ बच्चे हैं, वहाँ शिक्षक भी हों, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो और ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चे भी समान अवसर प्राप्त कर सकें।
“कांग्रेस को नहीं है वनांचल के बच्चों की चिंता”
मंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, “कांग्रेस के राज में नियुक्तियों में गड़बड़ी, ट्रांसफर उद्योग और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्हें कभी भी नहीं चाहा कि वनांचल के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें। हम इस सोच को बदल रहे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस अब बेचैन है और बेबुनियाद आरोप लगा रही है।” उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण को लेकर कांग्रेस जिस प्रकार से “स्कूल बंद करने और शिक्षा समाप्त करने” का झूठ फैला रही है, वह सिर्फ राजनीतिक स्टंट है।
राजनीतिक हंगामे के बीच सरकार का साफ रुख
छत्तीसगढ़ में इन दिनों युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षक संगठनों और विपक्ष के बीच विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी है। वहीं, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह निर्णय प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को समावेशी, संतुलित और परिणाममुखी बनाने के लिए लिया गया है।
शराब दुकानों पर भी खुलकर रखी बात: “जहां भीड़, वहाँ व्यवस्था ज़रूरी”
प्रदेश में शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि, “ऐसी शराब दुकानें जहां भीड़ अत्यधिक होती है, कतारें लगती हैं और असुविधा होती है, वहां अतिरिक्त दुकानें खोली जा रही हैं। यह व्यवस्था को नियंत्रित करने और आमजन को असुविधा से बचाने का प्रशासनिक निर्णय है, न कि शराब को बढ़ावा देने का प्रयास।”
“शिक्षा का स्तर तभी ऊंचा होगा जब शिक्षक वहां पहुंचें जहां बच्चे पढ़ाई के लिए इंतजार कर रहे हैं। हम व्यवस्था को किताबों से जमीन तक उतार रहे हैं,”
– श्याम बिहारी जायसवाल
स्वास्थ्य मंत्री















