महागठबंधन का “बिहार महाबंद” : ट्रेनें रोकीं, सड़कें जाम, राहुल-तेजस्वी ने साधा निशाना

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पटना, 10 जुलाई, 2025: बिहार में आज बुधवार को महागठबंधन द्वारा बुलाए गए ‘बिहार बंद’ का व्यापक असर देखने को मिला. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ बुलाए गए इस बंद के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में ट्रेनों को रोका गया और सड़कों पर चक्काजाम कर दिया गया, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पटना में विरोध मार्च का नेतृत्व किया और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा.

0 बंद का व्यापक असर

* ट्रेनें रोकी गईं: बिहार के कई जिलों में बंद समर्थकों ने रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेनों को रोक दिया. मुजफ्फरपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस और भोजपुर के बिहिया स्टेशन पर श्रमजीवी एक्सप्रेस व विभूति एक्सप्रेस को कुछ देर के लिए रोका गया. दरभंगा में भी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोके जाने की खबर है.

* सड़कें जाम: राजधानी पटना सहित राज्य के विभिन्न जिलों में प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया. पटना को हाजीपुर से जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु को पूरी तरह से बंद कर दिया गया, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा. मनेर में एनएच-30 पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया, वहीं आरा-सासाराम मार्ग भी बाधित रहा.

जनजीवन प्रभावित: स्कूल, कॉलेज और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला. कई जगह दुकानें बंद रहीं, जिससे रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ा.

महाराष्ट्र का चुनाव चोरी अब बिहार में कोशिश : राहुल

पटना में महागठबंधन के विरोध मार्च में शामिल हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा, “महाराष्ट्र का चुनाव चोरी कर लिया गया, अब बिहार में कोशिश की जा रही है.” उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी का काम न करने की सलाह देते हुए कहा कि उसका काम हिंदुस्तान के संविधान की रक्षा करना और बिहार की जनता के वोट के अधिकार की रक्षा करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य और रोजगार को चोरी करने की कोशिश कर रही है और महागठबंधन ऐसा नहीं होने देगा.

0 क्या गुजरात के दो लोग तय करेंगे कि कौन बिहारी वोट देगा : तेजस्वी

राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल का अंग बन गया है? क्या गुजरात के दो लोग तय करेंगे कि कौन बिहारी मतदाता वोट दे सकता है और कौन नहीं?” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है. तेजस्वी ने यह भी सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण इतना जरूरी था, तो लोकसभा चुनाव से पहले क्यों नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रक्रिया गरीबों और वंचितों के वोट के अधिकार को छीनने की साजिश है, क्योंकि उनके पास मांगे गए 11 दस्तावेज नहीं हैं.

0 क्यों भड़का है विपक्ष

महागठबंधन ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के फैसले का विरोध किया है. महागठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत मांगे जा रहे 11 दस्तावेजों के कारण करोड़ों गरीब और वंचित लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं. विपक्षी गठबंधन ने इस पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और इसे विधानसभा चुनाव के बाद कराने की मांग की है. इसके साथ ही, महागठबंधन ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद और उनके 44 मुद्दों का भी समर्थन किया.
कुल मिलाकर, बिहार में महागठबंधन का ‘चक्का जाम’ और ‘बिहार बंद’ अपने उद्देश्य में काफी हद तक सफल रहा, जिससे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और गतिरोध देखने को मिला.

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