श्याम मंदिर चुनाव में फर्जीवाड़े का आरोप, भक्तों ने किया तीव्र विरोध — आस्था के केंद्र पर राजनीति हावी

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कोरबा, 10 जुलाई 2025।

कोरबा के प्रतिष्ठित श्याम मंदिर में इस वर्ष आयोजित चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर चल रहे लाइव कवरेज के अनुसार, जैसे ही गिनती प्रक्रिया शुरू हुई, चुनाव प्रबंधन द्वारा मीडिया और पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जिससे प्रेस की आज़ादी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

मनीष जायसवाल द्वारा किए जा रहे लाइव कवरेज को चुनाव अधिकारियों ने उस समय रोक दिया जब मतगणना आरंभ हुई, और वहा उपस्थित लोगो द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि फर्जी वोटिंग करवाई गई। जानकारी के अनुसार, अचानक से श्याम मंदिर के सदस्यों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, जो कि पहले से तय मतदाता सूची के खिलाफ जाती है। आरोप है कि इसी के माध्यम से फॉल्स वोट डलवाए गए।

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इस पूरी प्रक्रिया को लेकर कई वरिष्ठ श्याम भक्तों एवं पूर्व सदस्यों ने विरोध जताया है, और स्पष्ट रूप से कहा कि यह चुनाव पूर्णतः फर्जी है। विरोध करने वाले भक्तों का कहना है कि —

“श्याम मंदिर आस्था का केंद्र है, यहां कोर्ट-कचहरी या राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।”पुलिस प्रशासन की भी यहां आवश्यकता नहीं थी।

श्याम प्रेमियों ने यह भी बताया कि मंदिर में आज तक कभी चुनाव जैसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई, यह पहली बार है जब ऐसी घटनाएं देखी जा रही हैं।
“मंदिर में सिर्फ श्रद्धा, सेवा और भक्ति होती है, न कि कुर्सी की होड़,” — यह कहना है कई नाराज़ भक्तों का।

कुछ वीडियो भी फेसबुक पर सामने आए हैं जिनमें देखा जा सकता है कि भक्तों ने खुलकर इस चुनावी प्रक्रिया का विरोध किया, और श्याम मित्र मंडल से भी सवाल किए। मंडल से जुड़े कई लोगों ने भी इस चुनाव को अनैतिक और अवांछनीय बताया है।

जो गोपाल कुमार अग्रवाल जी चुनाव में खड़े हुए हैं उनके द्वारा कोर्ट मे मामला पहुंचाया था और लगातार मंदिर का विरोध किया गया था और सभी का कहना है कि कोर्ट कचहरी नहीं जाना चाहिए श्याम मित्र मंडल ने मंदिर का विकास तेजी से किया बाबा का सिंगर भी लगातार सुंदर तरीके से करवाया जाता है लगातार श्याम प्रेमियों का भारी विरोध चुनाव में सभी का कहना यह चुनाव नहीं होना था आपसी सद्भाव से किसी को चुन लिया जाता सभी श्याम प्रेमी है और सब भाईचारा से चलता है आज भाईचारा को ही खत्म कर दिया गया है और मामला कोर्ट में पहुंच गया बहुत सारे श्याम प्रेमियों के मन पर आघात पहुंचा।

श्याम मित्र मंडल के द्वारा जुलाई को आम सभा बुलाई गई जिसमें आपसी सहमति से चुनावी प्रक्रिया कर सदस्यों के नाम को पंजीकृत किया गया और सभी के नाम का भी पंजीयन कराया गया फिर यह चुनाव होना ही लोगों की समझ से परे है फर्जी सदस्य बनाकर और बाहरी चुनाव अधिकारियों की टीम बुलवाकर पूरे गलत तरीके से यह चुनाव करवाया गया है

विवाद के बीच एक स्वर में सभी भक्तों ने कहा कि
“यह मंदिर राजनीति का नहीं, श्याम बाबा के जयकारों का केंद्र है।”

फिलहाल, इस मुद्दे पर जनआक्रोश लगातार बढ़ रहा है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पर कोई स्पष्ट और निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।

जय श्री श्याम।

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