तिरुमाला, 26 अगस्त। Tirupati Balaji Temple : विश्वविख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का एक अनोखा उदाहरण सामने आया है। एक भक्त ने मंदिर को 121 किलो सोना दान किया, जिसकी बाजार मूल्य लगभग ₹140 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस ऐतिहासिक दान की जानकारी स्वयं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सार्वजनिक की, जिससे देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
भक्ति से व्यापार तक, फिर लौटकर सेवा में समर्पण
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि यह भक्त पहले तिरुपति मंदिर में प्रार्थना कर व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा लेकर गया था। समय के साथ उस भक्त ने बड़ा व्यापार खड़ा किया और 6,000–7,000 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया। अपने जीवन की इस सफलता का श्रेय श्री वेंकटेश्वर स्वामी को देते हुए, उसने मंदिर को 121 किलो सोना भेंट करने का संकल्प लिया, जो अब पूरा कर दिया गया है।
मूर्ति को प्रतिदिन 120 किलो सोने से सजाया जाता है
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में तिरुपति मंदिर में स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर की मूर्ति को प्रतिदिन लगभग 120 किलो सोने के आभूषणों से सजाया जाता है। इस पर भक्त ने कहा कि वह इससे अधिक योगदान देना चाहता है और 140 करोड़ रुपये मूल्य का 121 किलो सोना दान करेगा, जिसे अब मंदिर ट्रस्ट को सौंप दिया गया है।
भक्ति, आस्था और सेवा का प्रतीक
तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर को दुनिया के सबसे धनी और श्रद्धेय मंदिरों में गिना जाता है। यहाँ हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर ट्रस्ट द्वारा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए राज्य सरकार और टीटीडी (तिरुमला तिरुपति देवस्थानम) मिलकर काम करते हैं।
श्रद्धा की शक्ति और दान की परंपरा
तिरुपति मंदिर में दान केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक योगदान और व्यक्तिगत कृतज्ञता का प्रतीक है। आम आदमी से लेकर देश के बड़े उद्योगपति तक, सभी इस मंदिर के चरणों में श्रद्धा के रूप में धन और आभूषण अर्पित करते आए हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से श्रद्धालु को सम्मान
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दानदाता की गोपनीयता बनाए रखते हुए उसकी भावना की सराहना की और कहा, यह दान केवल सोना नहीं, बल्कि भगवान के प्रति आस्था और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
यहाँ तिरुपति बालाजी मंदिर (श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमला) में अब तक मिले प्रमुख बड़े दान की सूची दी गई है। इस मंदिर को देश और दुनिया के सबसे धनी मंदिरों में गिना जाता है और समय-समय पर उद्योगपतियों, राजनेताओं, फिल्मी हस्तियों और आम भक्तों से करोड़ों का दान प्राप्त होता रहा है।
तिरुपति बालाजी मंदिर में अब तक के प्रमुख बड़े दान
वर्ष / तिथिदानकर्तादान की प्रकृतिअनुमानित मूल्यअगस्त 2025अज्ञात भक्त121 किलो सोना₹140 करोड़मई 2025संजीव गोयनका (उद्योगपति)हीरा जड़ित सोने का हार₹3.63 करोड़जुलाई 2025सुदर्शन एंटरप्राइजेज, चेन्नई2.5 किलो सोना₹2.4 करोड़जनवरी 2025वाईवीएसएस भास्कर राव (सेवानिवृत्त IRS अधिकारी)संपत्ति₹3.66 करोड़2022अज्ञात श्रद्धालु108 सोने के सिक्के (प्रत्येक पर भगवान बालाजी की छवि)₹50 लाख+2021मुकेश अंबानी परिवारआभूषण, नकद और पूजा सामग्री₹1.5 करोड़+ (अनुमानित)2018वी. विजयकांत रेड्डी (NRI)2 करोड़ नकद और 2 किलो सोना₹3.5 करोड़2015एक गुप्त जापानी भक्त5 किलो सोना₹1.3 करोड़ (उस समय की दर पर)2000 के दशक मेंरमेश कुमार (बेंगलुरु के व्यवसायी)हर साल ₹1 करोड़ नकद10 वर्षों तक योगदान
ध्यान देने योग्य बातें
- तिरुपति मंदिर ट्रस्ट (TTD) को सालाना ₹1,000 करोड़ से अधिक का दान मिलता है।
- हर दिन लगभग ₹1-2 करोड़ नकद, किलो-किलो सोना, और कीमती आभूषण दान स्वरूप मिलते हैं।
- मंदिर में होंडुरास, जापान, अमेरिका, दुबई जैसे देशों के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में दान करते हैं।
दान के प्रमुख रूप
- सोना, चांदी, हीरे, आभूषण
- नकद राशि (हुण्डी में और चेक द्वारा)
- प्रॉपर्टी / शेयर / भूमि
- गायें और अन्य धार्मिक सामग्री
- डिजिटल दान (ऑनलाइन ट्रांसफर, म्यूचुअल फंड यूनिट्स आदि)
शीर्ष 10 बड़े दान
॰दानकर्ता / स्रोतदान का विवरणमूल्य (अनुमानित)1निहितनाम NRI भक्त121 किलो सोना₹140 करोड़2TTD द्वारा प्राप्त कुल (साल 2023)1,031 किलो सोना₹773 करोड़3M. Ramalinga Raju (NRI)नकद योगदान₹16 करोड़4संजय पास्सी और श्रीमती शालिनी पास्सी (पास्को ग्रुप)नकद योगदान₹10 करोड़5गोपाल बालकृष्णन (तिरुनेलवेली)₹7 करोड़ को 7 ट्रस्टों में विभाजित कियाकुल ₹10 करोड़6चेन्नई परिवार (रिवती विस्वनाथन)नकद ₹3.20 करोड़ + संपत्ति ₹6 करोड़कुल ₹9.20 करोड़ 7संजीव गोयनका (उद्योगपति)हीरा-न्यूक्त सोने का हार₹3.63 करोड़ 8YVSS भास्कर राव (सेवानिवृत्त IRS अधिकारी)संपत्ति दान₹3.66 करोड़ 9सुदर्शन एंटरप्राइजेज (चेन्नई)2.5 किलो सोना₹2.4 करोड़ 10काल्यम रमन कृष्णमूर्ति (बेंगलुरु भक्त)₹1 करोड़ नकद (अन्नदाय समर्थन ट्रस्ट)₹1 करोड़।















