रायपुर में स्क्रैप धोखाधड़ी का पर्दाफाश, दो आरोहपी गिरफ्तार, एक फरार

Must Read

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के मेटल पार्क फेस-02 स्थित ममता सोलर कंपनी में एक संगठित षड्यंत्र के तहत लोहे के स्क्रैप की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों – सन्नी कुमार सिंह और प्रसन्न कुमार पटेल को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी रवि अभी फरार बताया जा रहा है। कैसे रचा गया षड्यंत्र? मामले की शुरुआत 4 सितंबर 2025 को हुई, जब आरोपी सन्नी कुमार सिंह, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी टेकारी, थाना विधानसभा, जिला रायपुर, ममता सोलर कंपनी पहुंचा और कंपनी प्रबंधन को लोहे के स्क्रैप खरीदने का प्रस्ताव दिया। उसने कंपनी से टाटा एस वाहन क्रमांक CG 04 JB 8666 के जरिए करीब 3450 किलो लोहे का स्क्रैप लोड कराया। यहीं से धोखाधड़ी की साजिश रची गई। आरोपियों ने एक जैसे नंबर वाले दो टाटा एस वाहन तैयार कर रखे थे। योजना के तहत, एक वाहन में पत्थर और खराब सीमेंट से भरी बोरियां डाल दी गईं और उस पर त्रिपाल बांधकर कंपनी के बाहर तौल कराने ले जाया गया। वहीं असली लोहे का स्क्रैप लदा वाहन चुपचाप लेकर आरोपी रवाना हो गए।

कंपनी को हुआ संदेह धोखाधड़ी के इस खेल में फाइनल वजन कराने के दौरान कंपनी के कर्मचारियों को शक हुआ। जब उन्होंने वाहन की जांच की, तो उसमें पत्थर और सीमेंट की बोरियां पाई गईं। इसके बाद प्रार्थी अनुज कुमार (उम्र 36 वर्ष, निवासी मेटल पार्क फेस-02, ममता सोलर कंपनी) ने थाना उरला में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई रिपोर्ट मिलते ही थाना उरला पुलिस ने अपराध क्रमांक 296/2025 दर्ज किया। आरोपियों पर धारा 319, 336, 338, 340(2), 61(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण कायम किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सन्नी कुमार सिंह से वह वाहन जब्त किया जिसमें पत्थर और खराब सीमेंट लदा हुआ था। आरोपी प्रसन्न कुमार पटेल से असली टाटा एस वाहन बरामद किया गया, जिसमें 3450 किलो लोहे का स्क्रैप लोड था। बरामद माल की कुल कीमत ₹5,67,300 आंकी गई है।

फरार आरोपी की तलाश इस पूरे षड्यंत्र में शामिल आरोपी रवि अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। धोखाधड़ी का तरीका चौंकाने वाला इस मामले में आरोपियों ने जिस तरह से सेम नंबर वाले दो वाहनों का इस्तेमाल किया, उसने पुलिस और कंपनी प्रबंधन दोनों को चौंका दिया है। यह तरीका पहले से की गई सुनियोजित प्लानिंग को दर्शाता है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने इस योजना पर काफी समय से काम किया था और मौके का फायदा उठाकर इसे अंजाम दिया।

- Advertisement -
Latest News

🚨 ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI की जांच तेज, गिरिबाला सिंह के घर पहुंची टीम 🚨देखिए विडिओ

Twisha Sharma मौत मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले की तह तक पहुंचने के लिए Central...

More Articles Like This