रायपुर। राजधानी रायपुर में गणपति विसर्जन के दौरान गाने को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। माना थाना क्षेत्र में विसर्जन कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों ने एक युवक के साथ जमकर मारपीट कर दी, जिसमें युवक के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक मनोज पटेल टेंट का काम करता है। गणेश विसर्जन के दिन वह आयोजन स्थल पर मौजूद था। वहां गाने बजाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मनोज पटेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि विसर्जन स्थल पर डीजे के गानों को लेकर कुछ युवकों से कहासुनी हुई। विवाद बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज तक पहुँच गया। आरोपियों में चेतन पासी, अज्जू और अन्य 2-3 युवक शामिल थे।
शिकायत में मनोज ने बताया कि विवाद के बाद आरोपियों ने उसे घेरकर मारपीट शुरू कर दी। लाठियों और हाथों से पिटाई की गई, जिससे उसके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मनोज को बचाया और पुलिस को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल मनोज को अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया गया, जिसके बाद उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। माना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाद केवल गाने बजाने को लेकर हुआ था, लेकिन नशे की हालत में युवकों ने आपा खो दिया और मारपीट पर उतर आए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय की कमी रहती है।
जिससे छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ जाता है। कई लोगों ने कहा कि प्रशासन को विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। उधर, मनोज पटेल ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। उसने कहा कि वह गरीब परिवार से है और टेंट का काम कर जीवन यापन करता है। इस तरह की मारपीट ने उसके शरीर के साथ-साथ मानसिक रूप से भी आहत कर दिया है। उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई आपराधिक मंशा तो नहीं थी। थाना प्रभारी ने कहा कि त्योहारों में शांति बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है और प्रशासन इस दिशा में काम कर रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि त्योहारों के दौरान व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। समय रहते प्रशासन और नागरिक मिलकर शांति बनाए रखें, तभी ऐसे विवादों से बचा जा सकता है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्रवासियों को न्याय की उम्मीद जताई जा रही है।















