रायपुर |राजधानी रायपुर से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ तेलीबांधा चौक पर स्थापित ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रदेश की आस्था, संस्कृति और अस्मिता के प्रतीक मानी जाने वाली इस प्रतिमा का सिर तोड़कर उसे उसके स्थान से उखाड़ फेंका गया। रविवार सुबह जब लोगों की नजर टूटी हुई प्रतिमा पर पड़ी, तो पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

घटना की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता की आशंका है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें
1। https://www.facebook.com/share/r/1AJP7rEnEG/
2। https://www.facebook.com/share/r/17g5b4a4tU/
स्थानीयों में गहरा रोष, अमित बघेल और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक
प्रतिमा से छेड़छाड़ की खबर फैलते ही छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सदस्य बड़ी संख्या में चौक पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के प्रमुख अमित बघेल ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अमित बघेल और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। उन्होंने कहा कि यह घटना छत्तीसगढ़ की अस्मिता, आस्था और गौरव पर सीधा प्रहार है और दोषियों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
आस्था से जुड़ी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’
छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ को मातृभूमि और धन-धान्य की देवी के रूप में पूजनीय माना जाता है। यह प्रतिमा राज्य की संस्कृति, परंपरा और मातृत्व भावना का प्रतीक है। ऐसे में इस घटना ने पूरे प्रदेश में भावनात्मक आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री पुलिस महानिदेशक एवं राजधानी रायपुर के पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा में चूक का कारण का आरोप लगाते हुए तत्काल छत्तीसगढ़ क्रांति सेना द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पास हटाने का ज्ञापन देना चाहिए इतनी बड़ी भूल को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए क्योंकि छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को खंडित करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करना चाहिए गिरफ्तारी हो जाती है मुजरिम की तो उसे तत्काल फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए।
वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कार्यकाल में महिला भी सुरक्षित नहीं है अत्याचार हो रहे हैं वहीं अब दूसरी तरफ प्रतिमाओं का खंडन किया जा रहा है यह कैसी सुशासन है कि जहां पर देवी देवताओं की भी सुरक्षा नहीं कर पा रही है सरकार केवल अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस बल को तैनाती के लिए रखी रहती है मंत्री विधायक सांसद इन लोगों के सुरक्षा के लिए पुलिस बल है बाकी धरोहर की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात नहीं रहती यह कैसी विडम्बना है पत्रकार की भी सुरक्षा नहीं है आए दिन पत्रकारों के ऊपर हमला होते जा रही है सरकार मौन व्रत धारण करके पत्रकार सुरक्षा कानून को पारित करने में देरी कर रही है इससे साफ जाहिर होता है सरकार के चौथे स्तंभ सच का आईना पत्रकार को खत्म करने का विचार चल रहा है क्या।















