कोरबा, 14 नवंबर. भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (वेदांता) प्रबंधन द्वारा स्थानीय बेरोजगारों, पूर्व कर्मचारियों और भूविस्थापित परिवारों के साथ कथित भेदभाव और अन्याय के खिलाफ मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा भारत सहित कई संगठन 26 नवंबर 2025 को एक दिवसीय चेतावनी धरना और जनसभा आयोजित करेंगे.
यह कार्यक्रम बालको गेट के सामने परसाभांठा चौक पर सुबह 11 बजे से शुरू होगा. संगठनों ने स्थानीय बेरोजगारों को स्थायी रोजगार, पूर्व कर्मचारियों और भूविस्थापितों को न्याय दिलाने जैसी 5 सूत्रीय मांगों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर 45 सूत्रीय मांगों को लेकर यह कदम उठाया है.
संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व अनुविभाग कोरबा को पत्र लिखकर कार्यक्रम के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति मांगी है, साथ ही माननीय कलेक्टर महोदय के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति आदि के नाम ज्ञापन देने की भी अनुमति मांगी गई है.

पत्र में कहा गया है कि बालको में विनिवेश के समय कंपनी ने छत्तीसगढ़ को “चमन बना देने” का वादा किया था, लेकिन अब स्थानीय लोगों को नौकरी, पेंशन और मेडिकल सुविधाओं में अत्यधिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा, सेक्टर-5 और अन्य सेक्टरों के आवासों में रहने वाले परिवारों को बिना किसी क्षतिपूर्ति या सुरक्षित आवास के बेदखल करने की साजिशें की जा रही हैं, जिसे अत्यंत भेदभावपूर्ण और मानवाधिकारों का हनन बताया गया है.















