छत्तीसगढ़िया और परदेसिया को लेकर क्रांति सेना और करनी सेना आमने – सामने, मामले में सामने आया ये बवाल….।

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रायपुर/भिलाई : छत्तीसगढ़ में इन दिनों छत्तीसगढ़िया और परदेसिया यानी स्थानीय और बाहरी की बात को लेकर नया विवाद छिड़ गया है, इसमें बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला इस्पात नगरी भिलाई से सामने आया है। यहाँ छत्तीसगढ़िया और गैर छत्तीसगढ़िया के मुद्दे को लेकर एक बार फिर छावनी थाने में माहौल गर्म हो गया था। यहाँ क्रांति सेना के एक कार्यकर्ता ने करणी सेना के कार्यकर्ता को फोन पर आपत्तिजनक बात की है। इस घटना के बाद दोनों संगठन के लोग इकट्ठे होकर छावनी थाना का घेराव करने पहुंचे। दोनों ही पक्षों को समझाने का दौर शुरू हुआ। आखिकर रात करीब 1 बजे के बाद दोनों ही पक्ष के लोगों को समझा बुझाकर पुलिस द्वारा घर भेजा गया।

इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार बीतें दिनों छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के चेतन चंदेल ने फेसबुक पर लाइव आकर हिंदू साधु-संतों और भगवाधारियों को रावण बताया था। इसे लेकर करणी सेना औऱ हिंदूवादी संगठन के लोगों ने 17 अक्टूबर को थाने में कार्यवाही के लिए आवेदन दिया था। कल रात इसी मुद्दे पर दोनों की पक्ष के कार्यकर्ता के बीच फोन पर गाली-गलौज होने लगी थी, जिसके बाद फिर एक बार दोनों ही पक्ष थाने में आमने-सामने हो गया। दोनों ओर से नारेबाजी और शक्ति प्रदर्शन होने लगा। तभी माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी वहां आ पहुंचा और दोनों ही पक्षों को समझाने का दौर शुरू हुआ। मामले में बवाल होता, इससे पहले ही पुलिस ने मामले को सम्हाल लिया।

छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति भंग करने वाले पर प्रतिक्रियाओं से शुरू हुई जुबानी लड़ाई अब होते-होते थाना घेराव वाले शक्ति प्रदर्शन तक पहुंच चुकी है। साफ है कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ और अहम की लड़ाई को छत्तीसगढ़ की जनता के सेंटिमेंट्स से जोड़कर अपनी सियासी दुकाने चला रहे हैं। जिसमें क्रांति सेना पर आरोप लगा है कि भोले भाले छत्तीसगढ़िया समाज को बरगलाकर वो अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने में लगे है।

इससे पहले भी छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने के बाद छत्तीसगढिया बनाम बाहरी का झगड़ा चल रहा था, जो अब भिलाई में छत्तीसगढ़िया बनाम गैर छत्तीसगढ़ी के मुद्दे पर छग क्रांति सेना और करणी सेना के बीच बढ़ता टकराव बन गया है। ये सारा झगड़ा जुड़ा है एक शिकायत से, जिसमें छग क्रांतिसेना के चेतन चंदेल के फेसबुक लाइव के दौरान हिन्दू साधु-संतो और भगवाधारियों को रावण बताये जाने से भड़के करणी सेना और हिंदुवादी संगठन के लोगों ने 17 अक्टूबर को छावनी थाने में कार्यवाही के लिए शिकायती आवेदन दिया था। जिस पर बीती रात दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर फोन पर गालीगलौज करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया है। मुद्दे पर पूर्व PCC चीफ धनेंद्र साहू ने करणी सेना पर अपराधी के संरक्षण की आड़ में छग का माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया तो मंत्री गजेंद्र यादव ने दावा किया कि कुछ लोगों के व्यक्तिगत स्वार्थों और सियासत के लिए प्रदेश का माहौल बिगड़ने का षड्यंत्र सफल नहीं होगा। ⁠

कैसे शुरू हुआ छत्तीसगढ़िया और परदेसिया वाला विवाद :

मामले के अनुसार 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई थी। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली थी। इसी दौरान 27 अक्टूबर 2025 को अमित बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी की गई थी, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ गया था। अमित बघेल ने कहा था कि कौन है अग्रसेन महराज। चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। अमित बघेल की इसी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा। इसके बाद छत्तीसगढ़िया और गैर छत्तीसगढ़िया विषय को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया। ⁠ जो अब करनी सेना के साथ भी बवाल को लेकर जुड़ गया है। इस मामले में भाजपा से जुड़े नेताओं ने क्रांति सेना पर आरोप लगाया है कि ये लोग छत्तीसगढ़िया लोगों की भावनाओं से खेलकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने में लगे हुये है। वहीँ छत्तीसगढ़िया और परदेसियावाद पर कथावाचक राजीव लोचन महाराज ने बड़ा हमला किया है। उन्होंने जो कहा, वो जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना है वो नक्सलियों का काम कर रहे है, हिन्दुओं को आपस में लड़ा रहे है, संतों – महात्माओं पर अपमान जनक टिप्पणी कर रहे है। इसके साथ ही बजरंग दल से जुड़े लोगों ने कहा कि चंद लोग ही छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पक्ष में है, जबकि अधिकतर लोग इनके विरोध में है। जमीनी हकीकत में इनके समर्थन में कोई नहीं है।

अमित बघेल फरार, इनाम घोषित :

अमित बघेल की ओर से किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद कई थानों में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अमित बघेल पर रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस अमित बघेल की तलाश में लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल अपने परिचित के घरों में छिप रहे हैं। पुलिस का दावा है कि अमित बघेल की जल्द गिरफ्तारी करेगी।

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