Wednesday, February 11, 2026

बिग ब्रेकिंग न्यूज़ :- दामाखेड़ा का नाम राज्य सरकार ने परिवर्तित कर दिया है! अब आज से नये नाम कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा के नाम से जाना जायेगा

Must Read

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बलौदाबाजार जिले के सिमगा तहसील स्थित ग्राम दामाखेड़ा का नाम परिवर्तन कर दिया है। अब यह ग्राम कबीर धर्म नगर, दामाखेड़ा के नाम से जाना जाएगा। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जो छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, दामाखेड़ा के नाम परिवर्तन का निर्णय 4 जून 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से आवश्यक सहमति प्राप्त की गई। सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 5 फरवरी 2026 को नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी की, जिससे यह फैसला विधिवत लागू हो गया है।

कबीर पंथ के अनुयायियों की आस्था का प्रमुख केंद्र
दामाखेड़ा छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर में कबीर पंथ के अनुयायियों के लिए एक बड़े आस्था केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां हर वर्ष विश्व प्रसिद्ध सतगुरु कबीर संत समागम मेला आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और संत-महात्मा शामिल होते हैं। कबीर साहेब की शिक्षाओं और उनके विचारों का यह स्थल लंबे समय से केंद्र रहा है। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए ग्राम का नाम कबीर धर्म नगर रखने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

मुख्यमंत्री साय ने कबीर संत समागम में की थी घोषणा
मुख्यमंत्री बनने के बाद विष्णुदेव साय पहली बार दामाखेड़ा पहुंचे थे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सतगुरु कबीर संत समागम मेले में भाग लिया था। इसी मंच से मुख्यमंत्री ने दामाखेड़ा का नाम बदलकर कबीर धर्म नगर, दामाखेड़ा करने की घोषणा की थी। उनकी इस घोषणा का वहां मौजूद संत समाज और श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया था।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा था कि कबीर साहेब की विचारधारा सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देती है। दामाखेड़ा जैसे पवित्र स्थल का नाम कबीर धर्म नगर होना राज्य के सांस्कृतिक मूल्यों को और मजबूती देगा।

उद्योग नहीं लगाने का भी दिया था आश्वासन
कबीर संत समागम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा था कि दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई भी उद्योग स्थापित नहीं किया जाएगा, ताकि इस धार्मिक स्थल की पवित्रता और शांत वातावरण बना रहे। उन्होंने संत समाज को आश्वस्त किया था कि सरकार इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

- Advertisement -
Latest News

शिवरीनारायण मेले में बड़ा हादसा, आकाश झूला टूटने से महिला समेत 6 घायल, 2 की हालत नाजुक

शिवरीनारायण। Shivrinarayan Accident: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शिवरीनारायण मेले में मंगलवार को आकाश झूला अचानक टूट गया। झूला टूटते ही उस पर...

More Articles Like This