News Anchor Murder Case : न्यूज एंकर सलमा सुल्तान मर्डर केस…! चश्मदीद ने खोले राज…आरोपी हत्या के बाद शव के साथ बैठकर गाता रहा गाना

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कोरबा, 10 फरवरी।कोरबा में वर्ष 2018 में न्यूज एंकर सलमा सुल्तान की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या करने के मामले में सुनवाई के दौरान विशेष सत्र न्यायालय में शुक्रवार को चश्मदीद गवाह ने चौंकाने वाला बयान दिया। गवाह ने बताया कि हत्या के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू ने बेहद खौफनाक और अमानवीय व्यवहार किया था, जिसे उसने साइको किलर जैसा बताया। महिला चश्मदीद गवाह ने न्यायालय में बयान देते हुए कहा कि हत्या के बाद मधुर साहू सलमा सुल्तान के शव को बाएं हाथ से गोद में लेकर, दाएं हाथ से सिगरेट के कश लगाते हुए ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं’ गाना गा रहा था। गवाह के अनुसार यह गाना सलमा का पसंदीदा था।

ब्लैकमेलिंग का खुलासा

गवाह ने बताया कि वह प्रोटीन वर्ल्ड जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी और मधुर साहू ने उसे भी अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। बाद में जब उसने जिम के कंप्यूटर में मधुर की अन्य लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें देखीं और उससे संबंध खत्म करने की कोशिश की, तो मधुर ने उसकी निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बाद में उसे पता चला कि मधुर के सलमा सुल्तान समेत कई युवतियों से संबंध थे। गवाह ने कोर्ट को बताया कि सलमा सुल्तान और मधुर साहू शारदा विहार स्थित घर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। मधुर की गतिविधियों को लेकर सलमा को शक था, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।

हत्या की रात की पूरी कहानी

घटना अक्टूबर 2018 की है। दशहरे के एक-दो दिन बाद सलमा ने गवाह को अपने घर बुलाया था। उस दिन सलमा और मधुर के बीच तीखी बहस हुई, जो हिंसा में बदल गई। मधुर ने सलमा की बेरहमी से पिटाई की और गला दबाकर उसे दीवार से टांग दिया। सलमा ने खुद को बचाने की कोशिश की और उसके नाखून से मधुर की गर्दन पर खरोंच भी आई। उस वक्त गवाह और घरेलू सहायिका ने बीच-बचाव कर सलमा को छुड़ाया, लेकिन कुछ देर बाद मधुर ने दोबारा हमला किया। इसी दौरान कर्मचारी कौशल श्रीवास भी मौके पर पहुंच गया। गवाह ने बताया कि जब वह और दूसरी महिला कमरे से बाहर निकलीं, तो देखा कि मधुर सलमा के ऊपर बैठकर उसका गला दबा रहा था, जबकि कौशल तकिए से उसका मुंह दबाए हुए था। डर के कारण वह मदद के लिए बाहर भाग नहीं सकीं। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर गवाहों को रोक लिया और बाद में सबूत मिटाने में भी इस्तेमाल किया।

सबूत मिटाने की साजिश

गवाह ने बताया कि हत्या के बाद सलमा की स्कूटी उसके घर कुसमुंडा छोड़ने, मोबाइल से फर्जी संदेश भेजने और रेलवे स्टेशन पर मोबाइल बंद करने जैसी साजिश रची गई, ताकि यह लगे कि सलमा खुद कहीं चली गई है। भय और मानसिक दबाव के कारण वह तत्काल पुलिस को सच्चाई नहीं बता सकी। इस मानसिक आघात के चलते उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया।

दृश्यम जैसी कहानी

यह मामला चर्चित फिल्म ‘दृश्यम’ की तर्ज पर सामने आया, जिसमें शव को छिपाने की परतें धीरे-धीरे खुलीं। चश्मदीद गवाहों ने हत्या और शव को गाड़ी में ले जाते देखा था, लेकिन शव कहां दफनाया गया, यह उन्हें नहीं पता था। पहले शव को एक स्थान पर दफनाया गया, फिर बाद में दर्री-कोरबा मार्ग स्थित भवानी मंदिर के पास सड़क किनारे दबा दिया गया। संयोग से पुरानी सड़क का फोरलेन निर्माण हुआ और पुलिस ने 2023 में सड़क के नीचे खुदाई कर शव बरामद किया, जिसकी पहचान सलमा सुल्तान के रूप में हुई। मामले की स्थिति शव मिलने के बाद 2023 में मधुर साहू, कौशल श्रीवास और अतुल शर्मा को गिरफ़्तार किया गया था। चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल लंबित रहने के आधार पर तीनों को जमानत मिल चुकी है। फिलहाल विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई जारी है और चश्मदीद गवाह की गवाही को इस केस में निर्णायक माना जा रहा है।

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