कोरबा/मेंगलुरु | [9-03-2026]
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से मजदूरी करने कर्नाटक गए पांच मजदूरों के साथ एक बड़ी अनहोनी की खबर सामने आई है। मेंगलुरु पहुंचने के बाद इनमें से दो मजदूर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिनमें से एक का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी (तेंदूकोन्हा बस्ती) के रहने वाले पांच ग्रामीण—भंवर साय, रविदास, खमन दास, अजय यादव और ईश्वर सिंह—बीती 11 फरवरी को काम की तलाश में मेंगलुरु गए थे। इन मजदूरों को झारखंड के एक एजेंट गोविंद ने वहां काम दिलाने का झांसा देकर बुलाया था।
स्टेशन के बाहर से हुए लापता
साथ गए मजदूर खमन दास और अजय यादव ने बताया कि मेंगलुरु स्टेशन पहुंचने के बाद सभी स्टेशन के बाहर चाय पीने रुके थे। इसी दौरान रविदास अचानक कहीं ओझल हो गया। उसे खोजने की कोशिश की ही जा रही थी कि कुछ देर बाद भंवर साय भी रहस्यमय तरीके से गायब हो गया।
पुलिस को मिला शव, DNA टेस्ट से होगी पहचान
मेंगलुरु पुलिस को स्थानीय स्तर पर एक अज्ञात शव बरामद हुआ है। प्राथमिक हुलिए के आधार पर इसकी पहचान रविदास के रूप में की जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आधिकारिक पुष्टि के बिना कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
“शव की शिनाख्त के लिए डीएनए (DNA) जांच कराई जाएगी, ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित हो सके।” – पुलिस सूत्र
परिजनों ने उठाए एजेंट पर सवाल
इस घटना के बाद से पीड़ितों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने झारखंड के एजेंट गोविंद की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रविवार को रविदास के परिजन और उनके साथ गए तीनों साथी वापस मेंगलुरु के लिए रवाना होंगे, जहां वे पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज कराएंगे।
क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
कोरबा के बांकी मोंगरा क्षेत्र में इस खबर के बाद से शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि लापता भंवर साय की तलाश तेज की जाए और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो ताकि सच्चाई सामने आ सके।















