कोरबा: अनिल अग्रवाल ने सिंघीतराई पावर प्लांट हादसे को लेकर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने भावुक संदेश में कहा कि बीते कुछ महीनों में उन्होंने जीवन के सबसे कठिन दौर का सामना किया है। अग्रवाल ने बताया कि वर्ष की शुरुआत में उन्होंने अपने पुत्र अग्निवेश को खो दिया, और इसके बाद 14 अप्रैल को हुए इस औद्योगिक हादसे में 25 कर्मियों की मौत ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने इन सभी को “बेशकीमती साथी” बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरक्षा के बावजूद हादसा, उठे सवाल उन्होंने कहा कि एथेना प्लांट में सुरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन किया गया था। इसके बावजूद इतना बड़ा हादसा होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। प्लांट का संचालन और रखरखाव NTPC-GE Power Services Limited को सौंपा गया था, जो NTPC और General Electric की साझेदारी है। उदाहरण देकर समझाया दर्द अग्रवाल ने इस स्थिति की तुलना एक वाहन मालिक और चालक के संबंध से करते हुए कहा कि जैसे कोई व्यक्ति अपने वाहन को भरोसेमंद चालक को सौंपता है, वैसे ही यहां भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी—लेकिन हादसा हो जाना बेहद पीड़ादायक है। पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा वेदांता Vedanta Group के चेयरमैन ने कहा कि समूह इस दुख की घड़ी में सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और आगे भी हर संभव सहायता जारी रहेगी।
यह हादसा न सिर्फ औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि एक बड़े कॉर्पोरेट नेतृत्व के मानवीय पक्ष को भी सामने लाता है, जहां निजी और पेशेवर दुख एक साथ सामने आए हैं।