हार के बाद भी इस्तीफा नहीं देने पर अड़ीं ममता बनर्जी ,लेकिन अपनों का छूट रहा साथ ,करीबी सलाहकारों के इस्तीफे का सिलसिला शुरू …..

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भले ही अपने पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया हो, लेकिन उनकी ओर से नियुक्त कई वरिष्ठ सलाहकारों और अधिकारियों ने चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के तुरंत बाद अपने पद छोड़ दिए हैं।

चुनाव नतीजे आते ही इन इस्तीफों की शुरुआत हुई, जिसमें पूर्व नौकरशाहों, अर्थशास्त्रियों और मीडिया सलाहकारों के नाम शामिल हैं। इस्तीफा देने वालों में पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय, एचके द्विवेदी, मनोज पंत और अर्थशास्त्री अभिरूप सरकार प्रमुख हैं। ये सभी ममता बनर्जी द्वारा विभिन्न पदों पर नियुक्त किए गए थे।

अर्थशास्त्री अभिरूप सरकार ने बुधवार को पश्चिम बंगाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (WBIDC) और पश्चिम बंगाल स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (WBSIDC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने मंगलवार को ही संबंधित विभागों के सचिवों को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने कहा, मैं भले ही राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं, लेकिन मेरी नियुक्ति राजनीतिक थी। चूंकि ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं, इसलिए मेरे लिए पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं है।

अलापन बंद्योपाध्याय

पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय पहले भी विवादों में रह चुके हैं। मई 2021 में केंद्र सरकार ने उन्हें वापस बुलाने का आदेश दिया था, जब वे चक्रवात ‘यास’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए थे। केंद्र ने राज्य सरकार को उन्हें कार्यमुक्त कर दिल्ली में रिपोर्ट करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया।
बाद में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से इस आदेश को वापस लेने का अनुरोध किया और सूचित किया कि बंद्योपाध्याय सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था। सूत्रों के अनुसार, अलापन बंद्योपाध्याय ने भी अपना इस्तीफा राज्य के मुख्य सचिव को भेज दिया।

एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता सहित अन्य अधिकारियों के भी इस्तीफे

उनके अलावा HK द्विवेदी और मनोज पंत, जो सेवानिवृत्ति के बाद सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे थे, उन्होंने भी अपने पद छोड़ दिए। राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में कार्यरत एक मीडिया सलाहकार (पूर्व पत्रकार) ने भी इस्तीफा दिया है।
इसी क्रम में पश्चिम बंगाल के एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने भी राज्यपाल आरएन रवि को अपना इस्तीफा सौंप दिया। किशोर दत्ता दिसंबर 2023 से इस पद पर कार्यरत थे और इससे पहले 2017 से 2021 तक भी इस जिम्मेदारी को निभा चुके हैं।

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