रायपुर, 27 मई। Youth Congress Election : चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार प्रदेश में युवा कांग्रेस चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 29 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही संगठन के भीतर शक्ति प्रदर्शन, गुटबाजी और रणनीतिक बैठकों का दौर भी तेज हो जाएगा। इस बार युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। सामने युवा चेहरे जरूर होंगे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस बात की ज्यादा है कि असली लड़ाई कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच होगी। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष बनने की राह सिर्फ लोकप्रियता से आसान नहीं होगी। दावेदारों को पूरे प्रदेश में संगठनात्मक पकड़, सदस्यता अभियान में दमखम और बड़े नेताओं का समर्थन दिखाना होगा। ऐसे में पर्दे के पीछे रणनीति बनाने वाले वरिष्ठ नेताओं की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।
20 लाख सदस्य बनाने का टारगेट, यहीं तय होगी जीत-हार
युवा कांग्रेस चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही सदस्यता अभियान को लेकर भी हलचल बढ़ गई है। संगठन ने इस बार 20 लाख युवाओं को सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि जिस दावेदार की सदस्यता संख्या ज्यादा होगी, उसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जाएगी। पिछले चुनाव में करीब 17 लाख सदस्य बनाए गए थे, लेकिन वोटिंग का अधिकार केवल लगभग 7 लाख सदस्यों को मिला था। इस बार करीब 10 लाख वोटर्स के मतदान करने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि सदस्यता प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि फिलहाल सदस्यता के लिए कोई सख्त वैचारिक या संगठनात्मक मापदंड लागू नहीं किया गया है।
29 मई से नामांकन, ऐसे चलेगी पूरी चुनाव प्रक्रिया
- 29 मई से 13 जून तक नामांकन प्रक्रिया
- 11 से 13 जून तक प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन
- 18 से 35 साल तक के युवाओं की ऑनलाइन-ऑफलाइन सदस्यता
- मोबाइल नंबर और आईडी के जरिए सत्यापन
- सदस्यता जांच के बाद चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
- उम्मीदवार सदस्यता बढ़ाने और समर्थन जुटाने में जुटेंगे
- मतदान डिजिटल या तय प्रक्रिया से कराया जाएगा
- सदस्यता, सक्रियता, आंदोलन और नेतृत्व क्षमता के आधार पर मूल्यांकन
- केंद्रीय नेतृत्व और स्क्रीनिंग कमेटी अंतिम परिणाम घोषित करेगी
प्रदेश अध्यक्ष की रेस में ये चेहरे सबसे आगे
प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए कई युवा नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें शांतनु झा, भावेश शुक्ला, लोकेश वशिष्ठ, अनिमेश सिंह, सजल चंद्राकर, शैलेंद्र बंजारे, सुनील पटेल, महेश सेन, हनी बग्गा, विनोद कश्यप, बाला बोखरे और प्रांजल तिवारी प्रमुख बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
संगठन से जुड़े नेताओं का कहना है कि जिस उम्मीदवार को प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर के प्रभावशाली नेताओं का समर्थन मिलेगा, उसकी राह काफी आसान हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में युवा कांग्रेस चुनाव सिर्फ संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर शक्ति संतुलन का बड़ा संकेत भी माना जाएगा।















