कोरबा। जिले में विभिन्न स्थानों पर 35 जनप्रतिनिधियों को दोबारा चुनने के लिए उपचुनाव की स्थिति निर्मित हुई। राज्य निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अंतर्गत स्थानीय निर्वाचन विभाग इन पदों पर निर्वाचन के लिए आज मतदान करा रहा है। कुल 35 पद इसमें शामिल हैं। प्रशासन ने दावा किया कि सभी जगह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए प्रबंध किए गए। मौसम के मिले-जुले असर के बीच लोगों ने मताधिकार में रूचि दिखाई।
कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जिन पदों के लिए आज मतदान कराया जा रहा है उसमें जनपद सदस्य के 3, पंच के 30 और एक पंचायत में सरपंच व नगर पालिका परिषद दीपका में पार्षद शामिल हैं। पिछले चुनाव के दौरान संबंधित लोग यहां से निर्वाचित हुए थे जिन्होंने बाद में अलग-अलग कारण से पद छोड़ दिया अथवा छोडऩा पड़ा। पदों की पूर्ति के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई।
त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के अंतगर्त करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच के रिक्त पद पर मतदान हो रहा है । कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोट डाले जा रहे हैं। 1 ग्राम पंचायत सलिहाभांठा पूर्व सांसद दिवंगत डॉ.बंशीलाल महतो का गृह ग्राम है व पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का गृह ग्राम पंचायत है । पिछले चुनाव में लोगों ने नवरंगलाल को सरपंच चुना था। तीन महीने पहले उनका निधन हो गया जिससे यह सीट खाली हो गई। स्थानीय लोग अब नए सरपंच के लिए वोट कर रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव 2026 के तहत ग्राम पंचायत सलिहाभांठा के सरपंच के रिक्त पद के लिए इस बार भी चुनावी मैदान में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की भांजा बहु प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर उतरीं हैं लेकिन इस बार उनका सामना ननकीराम कंवर के ही सगे भतीजे विजय कंवर से है ,जो पंचायत के सर्वांगीण विकास के वादों के साथ मतदाताओं का आशीर्वाद लेने सरपंच प्रत्याशी के पद पर उतरे हैं। तो वहीं प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर इसके पूर्व पंचवर्षीय में सरपंच के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं।
मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए 4 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जहाँ कुल 1456 मतदाता लोकतंत्र की मजबूती के लिए अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 745 पुरुष एवं 711 महिला मतदाता शामिल हैं।
60 फीसदी मतदाता वाले गांव से दावेदारी शून्य
सरपंच पद के चुनाव में ऐसा पहली बार है कि मुख्य पंचायत सलिहाभांठा जहां 60 फीसदी मतदाता हैं वहाँ से एक भी दावेदारी नहीं आई। सलिहाभांठा ने इस बार शेष बचे कार्यकाल में पंचायत के नेतृत्व की जिम्मेदारी आश्रित ग्राम बंधवाभांठा को ही दे दी ।वैसे पंचायतवासियों ने निर्वाचन की नौबत न आने की उम्मीद जताई थी पर बंधवाभांठा में पहली बार एकता नहीं दिखी और चुनाव की स्थिति निर्मित हो गई। सलिहाभांठा के लोगों ने आखिर किन कारणों से दावेदारी नहीं की यह समझ से परे है। कहा जा रहा है कि चुनाव में उनकी रूचि नहीं है या फिर वे किसी को वाकओवर देना चाहते हैं।
दीपका और झाबर में दिखा उत्साह
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड के अंतर्गत नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक 15 में पार्षद और झाबर ग्राम पंचायत में पंच के एक पद के लिए आज मतदान हो रहा है। थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की गई है। सुबह से मतदान को लेकर लोगों में रूचि दिखाई दी। स्थिति अनुकूल है। चुनाव से पहले ही इन क्षेत्रों का भ्रमण करने के साथ सभी चीजों का निरीक्षण कर लिया गया था। प्रशासन के निर्देश पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है।
अक्षय की हत्या से सीट खाली, लोग बदला चुकाने तैयार
कोरबा जिले में पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 18 में जनपद सदस्य का चुनाव सबसे ज्यादा सुर्खियो में है। पूर्व जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की हत्या कर दिए जाने के कारण यह सीट खाली हुई। क्षेत्र के लोग अक्षय की हत्या का बदला चुकाने के लिए पहले से ही अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने की मानसिकता बना बैठे हैं। कहा जा रहा है कि चुनाव परिणाम इसी के अनुसार आएंगे।
पिछले पंचायत चुनाव में क्षेत्र क्रमांक 18 की जनता ने भाजपा नेता अक्षय गर्ग पर भरोसा जताया था। उन्होंने रिकार्ड वोट के अंतर से जनपद सदस्य का चुनाव जीता था। इस क्षेत्र में बिंझरा, मल्दा और भांवर ग्राम पंचायत शामिल हैं। ग्राम पंचायतों के आश्रित ग्राम में लगभग 3900 हजार वोटर शामिल हैं जो आज अपना नया जनप्रतिनिधि चुनने के लिए वोट कर रहे हैं। चुनाव के लिए बिंझरा के सरकारी स्कूल को केंद्र बनाया गया है। हमारे संवाददाता ने बताया कि मतदाताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए 8 पोलिंग बूथ बनाए गए। इनमें सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई। कोरबा जिले की हॉट सीट होने के कारण क्षेत्र क्रमांक 18 को संवेदनशील केटेगरी में रखा गया है। पूर्व जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की जगह कौन लेगा, यह भविष्य बताएगा। लेकिन भारतीय जनता पार्टी से कई प्रत्याशी इस मैदान में हैं, हालांकि किसी एक को घोषित तौर पर समर्थन नहीं दिया गया है। कहा जा रहा है कि जनता ने जो मन बनाया है, वह सर्वाधिक वोट हासिल करने के साथ प्रतिनिधित्व का अवसर प्राप्त करेगा।
खास बात ये है कि इस चुनाव में पूर्व जनपद सदस्य का हत्यारा मुस्ताक अहमद भी प्रत्याशी है। नामांकन की प्रक्रिया के दौरान उसने बेशर्मी के साथ विशेष रूप से हथकड़ी के बीच यहां पहुंचकर नामांकन दाखिल किया था। चुनाव में उसे कितने वोट किनसे प्राप्त होंगे, यह अलग बात है। लेकिन क्षेत्र में चर्चा है कि सिस्टम किस कदर लचीला बना हुआ है, यह इस तरह की तस्वीरों से साफ दिखता है।
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