Chhattisgarh Liquor Scam: ED का बड़ा एक्शन! गोवा का ₹110 करोड़ का Luxury Hotel और ₹1000 करोड़ की प्रॉपर्टीज कुर्क

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छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई! अनवर ढेबर और सिंडिकेट से जुड़े गोवा के ₹110 करोड़ के वेस्टिन होटल समेत ₹1000 करोड़ की संपत्ति कुर्क। 

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले (Liquor Scam) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत ₹1000 करोड़ से अधिक के मार्केट वैल्यू की संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच (जब्त) कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

3 अलग-अलग Attachment Orders जारी

ED की जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2023 के बीच शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर ₹2,883 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई की थी। इस सिंडिकेट को मुख्य रूप से अनवर ढेबर (Anwar Dhebar) और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा (Anil Tuteja) द्वारा चलाया जा रहा था। इसी काली कमाई पर चोट करते हुए ED ने तीन बड़े प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं:

प्रॉपर्टी / एसेट (Properties Attached)अनुमानित वैल्यू (Deed Value)किससे है कनेक्शन? (Linked To)The Westin Goa (Luxury Hotel)₹110 करोड़पैसिफिका होटल्स इंडिया प्रा. लि. (चैतन्य बघेल का नाम भी शामिल)ढेबर सिटी होम्स प्लॉट्स & 5 लैंड पार्सल₹30 करोड़अनवर ढेबर (Benami Investments) और विकास अग्रवालबैंक बैलेंस, शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स₹51 करोड़3 प्रमुख FL-10A लाइसेंसधारी कंपनियां

गोवा का Luxury Hotel ‘Westin Goa’ कैसे आया रडार पर?

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा आकर्षण गोवा के अंजुना क्षेत्र में स्थित प्रीमियम Hotel Westin Goa है। ED का दावा है कि इस होटल को खरीदने के लिए करीब ₹110 करोड़ की रकम कैश में चुकाई गई थी, जो पूरी तरह से शराब घोटाले के अवैध पैसे (Proceeds of Crime) से आई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस भारी-भरकम कैश को एक जगह से दूसरी जगह भेजने का निर्देश कथित तौर पर चैतन्य बघेल द्वारा दिया गया था।

ग्राउंड मैनेजर विकास अग्रवाल और बेनामी संपत्तियों पर वार

सिंडिकेट के वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) का जिम्मा संभालने वाले विकास अग्रवाल और अनवर ढेबर की संपत्तियों को भी ज़ब्त किया गया है:

  • विकास अग्रवाल: डिस्टिलरी संचालकों और लाइसेंसधारकों से वसूली गई कमीशन राशि सीधे अनवर ढेबर तक पहुंचाता था।
  • अनवर ढेबर: रायपुर स्थित ढेबर सिटी होम्स में कई प्लॉट और शेल कंपनियों (जैसे शाइनिंग स्टार बिल्डकॉन, मूनलाइट रियल एस्टेट) के जरिए खरीदी गई 5 जमीनों को अटैच किया गया है।

FL-10A कंपनियों से जबरन वसूली: ओम साई बेवरेजेस, डिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर जैसी कंपनियों को अपने मुनाफे का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा इस सिंडिकेट को देने के लिए मजबूर किया जाता था।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

4 नए आरोपी शामिल, कुल संख्या हुई 85

ED ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अपनी छठी पूरक चार्जशीट (6th Supplementary Prosecution Complaint) दाखिल कर दी है। इसमें चार नए आरोपियों के नाम जोड़े गए हैं:

  1. विजय भाटिया (ओम साई बेवरेजेस में 52.5% बेनामी हिस्सेदारी का आरोप)
  2. प्रबीर शर्मा (करोड़ों रुपये कैश ट्रांसपोर्ट करने का आरोप)
  3. टी. भुनेश्वर राव
  4. निखिल चंद्राकर

इन नए नामों के साथ इस केस में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। ED ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और बेनामी संपत्तियों और शेल कंपनियों पर शिकंजा कसा जा सकता है।

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