कोरबा lअवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ बनाने और बिक्री करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट कटघोरा द्वारा 16 जून को सुनाया गया।
जानकारी के अनुसार आबकारी वृत्त दर्री के प्रकरण क्रमांक 60/2025 में कथित आरोपी निवासी ग्राम बदरापारा, कुसमुंडा, जिला कोरबा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कथित आरोपी अपने सिल्वर रंग के दोपहिया वाहन में अवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ लेकर बिक्री के उद्देश्य से घूम रहा है। सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 8 लीटर अवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ, 2.6 लीटर हाथभट्टी अवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ, बिक्री के लिए रखे गए 300 पाउच तथा प्लास्टिक के डिब्बों में भरा लगभग 165 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। बरामद सामग्री का उपयोग अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री में किया जाना पाया गया।
विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन अधिकारी गुलाब सिंह साहू ने प्रभावी पैरवी की। वहीं आबकारी विभाग की विवेचना अधिकारी श्रीमती विजिता राज भगत द्वारा संकलित साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोष सिद्ध पाया। न्यायालय ने आरोपी को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। बताया गया कि कथित आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के अन्य मामले भी दर्ज हैं और वह लगातार अवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ के निर्माण एवं बिक्री की गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
KORBA:-अवैध महुआ निर्मित्त मादक द्रव्य पदार्थ बनाने और बिक्री का दोष सिद्ध होने पर कथित आरोपी को एक वर्ष का कारावास-25 हजार रुपये जुर्माना
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