महासमुंद, 24 जून। Diamond Discovery : छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान 5 हीरों की प्राप्ति हुई है। इन हीरों का कुल वजन 1.22 कैरेट बताया गया है। इस खोज ने राज्य में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है। यह अन्वेषण एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा किया गया था।
बल्क सैंपल परीक्षण में सामने आई सफलता
एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड के अनुसार, क्षेत्र में स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन, भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के आधार पर लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्र किया गया था। वैज्ञानिक प्रसंस्करण के बाद इस सैंपल से कुल 5 हीरे प्राप्त हुए, जिनमें 2 जेम क्वालिटी और 3 अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।
आर्थिक संभावनाओं में बढ़ोतरी की उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार, यह खोज क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की प्रारंभिक पुष्टि मानी जा रही है। इससे आने वाले समय में राज्य में, निवेश के अवसर, रोजगार सृजन, खनिज आधारित उद्योगों का विस्तार, और राजस्व वृद्धि की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने जताई प्रसन्नता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए उत्साहजनक बताया है। उन्होंने कहा कि यह खोज छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा और आर्थिक क्षमता को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
आगे की प्रक्रिया और सुरक्षा
बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक से प्राप्त सभी हीरों को एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। आगे की प्रक्रिया निर्धारित वैज्ञानिक और वैधानिक मानकों के अनुसार की जाएगी। यह खोज छत्तीसगढ़ के लिए न केवल खनिज संपदा का प्रमाण है, बल्कि भविष्य में राज्य को हीरा आधारित उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।















