छत्तीसगढ़: अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 के लिए ऑरेंज और 6 में यलो अलर्ट जारी

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रायपुर। प्रदेश में मानसून पूरी तरह एक्टिव हो गया है। पिछले 48 घंटे से रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण कई शहरों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। रायपुर के टाटीबंध सहित कई निचले इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार,

बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसे देखते हुए 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

लगातार बारिश का असर अलग-अलग जिलों में भी देखने को मिला। बिलासपुर में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। वहीं, भिलाई में लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें लबालब हो गईं। सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र में सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे तालाब जैसी नजर आने लगीं।

औसत से 33% कम बारिश

आंकड़ों के मुताबिक, 5 जुलाई तक राज्य में सामान्य तौर पर 247.7 मिलीमीटर (9.7 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक 167.2 मिमी (6.5 इंच) ही दर्ज की गई है। जो कि औसत से करीब 33% की कम है। हालांकि राहत की बात यही है कि लगातार बारिश की वजह से भरपाई होने की उम्मीद है।

डूबने से दो बच्चों की मौत

गरियाबंद जिले के कोपरा में रविवार को लगातार बारिश के बीच दर्दनाक हादसे में घर के बाहर खेल रहे 6 वर्षीय योगेश साहू और 5 वर्षीय सुमन साहू की कचरा फेंकने के लिए बने घुरवा गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। बारिश के कारण गड्ढे में 10 से 12 फीट पानी भरा था, जिससे दोनों बच्चे बाहर नहीं निकल सके।

बारिश के पानी से भरे गड्ढे में गिरने से 2 बच्चों की मौत हो गई।

नदी में फंसे मजदूरों का रेस्क्यू

दुर्ग, जगदलपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव समेत प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। वहीं, गरियाबंद जिले में बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 14 मजदूर नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलने पर प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

रायपुर में 154.4 मिमी बारिश

रविवार सुबह 8:30 बजे तक रायपुर में 154.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। यह इस मानसून सीजन की चौथी हैवी रेन है। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा।

10 जिलों में सामान्य बारिश, 2 में सामान्य से ज्यादा

जुलाई की शुरुआत से हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार 10 जिलों में सामान्य बारिश हो चुकी है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ और दंतेवाड़ा में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

19 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले हैं। 2 जिलों में बहुत कम बारिश हुई है।

8 जुलाई तक रहेगा बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार 8 जुलाई तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां मजबूत रहेंगी। इस दौरान मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवा और बिजली गिरने की भी आशंका है।

रेड अलर्ट

यह सबसे गंभीर चेतावनी है। इसका मतलब है कि अत्यधिक खराब मौसम, भारी से बहुत भारी बारिश (आमतौर पर 24 घंटे में 20 सेमी से अधिक) के कारण जान-माल को नुकसान होने का खतरा है।

ऑरेंज अलर्ट यह ‘तैयार रहने’ की चेतावनी है। मौसम की स्थिति रेड अलर्ट जितनी गंभीर तो नहीं होती, लेकिन कभी भी स्थिति बिगड़ने की संभावना रहती है।

येलो अलर्ट यह ‘नजर रखने और सतर्क रहने’ का संकेत है। मौसम खराब होने की पूरी संभावना है, लेकिन तुरंत कोई बड़ा खतरा नहीं होता

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