कोरबा। शहर में रसूखदारों और रईसजादों के लिए कानून का डर जैसे पूरी तरह खत्म हो चुका है। 6 जुलाई की रात करीब 1 बजे टीपी नगर स्थित मॉल में बिलासपुर के कथित ठेकेदार जिसका नाम रमन पता चला है, ने सरेआम गुंडागर्दी की। शराब के नशे में धुत इस रसूखदार ने अपने चालक को फरमान सुनाकर स्कॉर्पियो (CG 10 CD 0513) सीधे मॉल के मुख्य प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर चढ़वा दी। जब सुरक्षाकर्मियों ने टोका, तो तमाशा करते हुए बोला— “गाड़ी तो मॉल के भीतर से ही लेकर जाऊंगा।” गनीमत रही कि आधी रात को सीढ़ियों पर कोई इंसान नहीं था,और सिक्योरिटी गार्ड भी सतर्क था वरना मॉल का एंट्रेंस ही मौत का साक्षी बन जाता।
00 शहर में लहूलुहान कानून व्यवस्था: चंद दिनों में ‘वाहन से कुचलने’ की एक के बाद एक सनक

0 पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल: मोहरे पर एक्शन, असली गुनहगार क्यों सेफ?
मामले में सीएसईबी चौकी प्रभारी एसआई राजेश तिवारी ने सुरक्षा सुपरवाइजर की शिकायत पर आनन-फानन में गाड़ी जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया। चालक पर BNS की धारा २८१ और एमवी एक्ट १८४ के तहत केस दर्ज कर मेडिकल कराया गया है। लेकिन सबसे बड़ा और तीखा सवाल यह है कि आदेश देने वाले असली गुनहगार (गाड़ी मालिक ठेकेदार) पर पुलिस मेहरबान क्यों है?















