कोरबा। सावन के पहले सोमवार को कोरबा जिले के भैंसमा स्थित पशु चिकित्सालय परिसर में एक कोबरा सांप निकलने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए सांप को नुकसान पहुंचाने के बजाय वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोरबा के वन्यजीव रेस्क्यू विशेषज्ञ एवं नोवा नेचर के जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने विशेष उपकरणों की मदद से पूरी सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद सांप को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
सावन माह में भगवान शिव और नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है। इसी आस्था के चलते लोगों ने कोबरा को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी और रेस्क्यू टीम को बुलाया।
रेस्क्यू के बाद जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि किसी घर, संस्थान या सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई दे तो उसे मारने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
उन्होंने यह भी कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा करने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर चिकित्सा उपचार ही सर्पदंश से जीवन बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।















