कोरबा। बारिश के मौसम में शहर की सड़कों की बदहाली अब लोगों के लिए परेशानी के साथ हादसे का कारण भी बनने लगी है। टीपीनगर और सीएसईबी रेलवे फाटक के आसपास रेलवे ट्रैक के किनारे बने गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं। बारिश का पानी भरने से कई जगह गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के असंतुलित होकर गिरने की आशंका बनी रहती है।
टीपीनगर रेलवे फाटक से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। मालगाड़ियों के गुजरने के बाद फाटक खुलते ही दोनों ओर से वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क के किनारे बने गड्ढे और उखड़ी कंक्रीट दुर्घटना का कारण बन सकती है। खासकर बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है।
सीएसईबी चौक और टीपीनगर रेलवे फाटक के आसपास कुछ समय पहले सड़क किनारे की कंक्रीट को सीमेंट से भरा गया था, लेकिन लगातार बारिश और वाहनों की आवाजाही के चलते कई जगह कंक्रीट फिर उखड़ गई है। ट्रैक के दोनों ओर बने गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है। दिन के समय तो वाहन चालक गड्ढों को देखकर बचने का प्रयास कर लेते हैं, लेकिन रात में इनकी स्थिति स्पष्ट नजर नहीं आती। फाटक खुलने के बाद अचानक बढ़ने वाली वाहनों की भीड़ के बीच दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और जोखिम भरी हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दिनों में यहां सड़क की मरम्मत और गड्ढों की भरपाई को प्राथमिकता से कराया जाना चाहिए।
भारी वाहनों का भी रहता है दबाव
शहर के रेलवे स्टेशन से बालको प्लांट, पुराने प्लांट और सीएसईबी प्लांट की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी इस मार्ग से होती है। भारी वाहनों के लगातार गुजरने से सड़क किनारे की स्थिति तेजी से खराब हो रही है। समय रहते मरम्मत नहीं होने पर बारिश के दौरान समस्या और बढ़ने की आशंका है। लोगों की मांग है कि रेलवे फाटक के आसपास सड़क और ट्रैक किनारे के गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि बारिश के मौसम में किसी बड़े हादसे की नौबत न आए।















