ठग को पकड़ने के लिए दिल्ली गई पुलिस टीम पर गिरी कार्रवाई की गाज, बिना अनुमति हवाई यात्रा और पीड़ित की रकम से टिकट बुक कराने का मामला सामने आया हैं।
कोरबा। 55 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी के आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर कोरबा लाने वाली कटघोरा पुलिस टीम अब खुद कार्रवाई के घेरे में आ गई है। निर्धारित प्रक्रिया और उच्च अधिकारियों की अनुमति के बिना दिल्ली जाने के लिए हवाई यात्रा करने के मामले में कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक एम.बी. पटेल समेत 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बिलासपुर आईजी द्वारा जांच के बाद की गई है।मामले ने पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस टीम ने करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी को पकड़ने के लिए तेजी दिखाई, वहीं दूसरी ओर यात्रा के निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप में पूरी टीम पर निलंबन की कार्रवाई हो गई।आरोपी को पकड़ने दिल्ली जाना था… निर्देश था ट्रेन से जाने का।जानकारी के मुताबिक 55 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कटघोरा पुलिस की टीम को दिल्ली रवाना किया गया था। बताया जा रहा है कि टीम को ट्रेन से यात्रा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों द्वारा दिल्ली जाने के लिए हवाई यात्रा किए जाने की बात सामने आई।
आरोप है कि इस हवाई यात्रा के लिए उच्च अधिकारियों से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। इतना ही नहीं, टिकट बुकिंग को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित के पैसों से प्लेन टिकट बुक कराए गए, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। ट्रेन की जगह फ्लाइट… आरोपी पकड़ा, लेकिन पुलिस टीम फंस गईपुलिस टीम का उद्देश्य आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ना था। ट्रेन के बजाय हवाई यात्रा के जरिए टीम दिल्ली पहुंची और वहां से 55 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोपी को पकड़कर कोरबा लाया गया।लेकिन कार्रवाई के बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि जिस टीम ने आरोपी को पकड़ने में तेजी दिखाई थी, वही टीम विभागीय जांच के घेरे में आ गई।
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि अपराधी को पकड़ने में पुलिस की तत्परता और विभागीय नियमों के पालन के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए?
अपराधी पकड़ा फ्लाइट से, पुलिस सस्पेंड हुई लाइट की स्पीड से!’पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि पुलिस टीम ने किसी गंभीर आर्थिक अपराध के आरोपी को पकड़ने के लिए तेजी दिखाई, तो क्या यात्रा के नियमों का उल्लंघन करने पर पूरी टीम को निलंबित करना ही एकमात्र रास्ता था?हालांकि, विभागीय कार्रवाई के पीछे वास्तविक कारण बिना अनुमति हवाई यात्रा, निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी और यात्रा खर्च से जुड़े आरोप बताए जा रहे हैं। ऐसे में अंतिम स्थिति जांच और विभागीय आदेशों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।अब कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल।एक तरफ करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी को पकड़ने में पुलिस की सफलता चर्चा में रही, तो दूसरी तरफ उसी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के निलंबन ने पूरे मामले को और सुर्खियों में ला दिया है।ठग के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी, लेकिन क्या पुलिसकर्मियों द्वारा अपनाया गया तरीका नियमों के दायरे में था?
यही सवाल अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
फिलहाल कटघोरा TI एम.बी. पटेल समेत 8 पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि हवाई यात्रा का निर्णय किस स्तर पर लिया गया, टिकट की राशि किस स्रोत से खर्च हुई और नियमों की अनदेखी के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
















